योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान: भारत का असली राजा केवल राम हैं
मुख्यमंत्री का संबोधन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को वृंदावन में 'श्री सीताराम निकुंज अष्टयाम लीला महोत्सव' के दौरान एक महत्वपूर्ण बयान दिया। संत मलूक दास जी महाराज की 452वीं जयंती पर सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि भारत का असली राजा कोई बाहरी या विधर्मी नहीं हो सकता, बल्कि केवल सनातन राजा राम हैं।
मुगल काल की यादें
मुख्यमंत्री ने मुगल काल की क्रूरता और संतों के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि मुगल सम्राट अकबर ने गोस्वामी तुलसीदास को अपने दरबार में बुलाने का प्रयास किया था, लेकिन तुलसीदास ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनका राजा केवल राम है। सीएम ने बताया कि संत मलूक दास ने अकबर, जहांगीर, शाहजहां और औरंगजेब जैसे चार क्रूर मुगलों का सामना किया, लेकिन उन्होंने अपने मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया।
रामलीला का महत्व
योगी ने कहा कि आज भी रामलीला के मंचों पर 'बोलो राजा रामचंद्र की जय' का नारा गूंजता है, जो मुगल काल में संत तुलसीदास द्वारा दिया गया था। उन्होंने संत मलूक दास को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके समय में भारत विदेशी आक्रांताओं की क्रूरता का सामना कर रहा था।
अयोध्या का विकास
मुख्यमंत्री ने रामनगरी का उदाहरण देते हुए कहा कि 2017 से पहले अयोध्या में बिजली केवल तीन घंटे मिलती थी और वहां की स्थिति जर्जर थी। लेकिन अब अयोध्या त्रेतायुग की याद दिलाती है। उन्होंने कहा कि संतों की एकता ने 500 वर्षों का कलंक मिटाया और भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण संभव हुआ।
सरकार की योजनाएं
एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि मुख्यमंत्री ने श्रीमलूकपीठ आश्रम में दर्शन-पूजन किया और गायों को गुड़ खिलाया। योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने 84 कोसी परिक्रमा के लिए धन उपलब्ध कराया है और प्रशासन को निर्देश दिया है कि यात्रा की सुविधाएं बढ़ाई जाएं।
काशी का विकास
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में काशी विश्वनाथ धाम को दिव्य रूप दिया गया है। उन्होंने बताया कि 2017 में जब वह काशी गए थे, तब वहां दर्शन करने के लिए भीड़ नहीं होती थी, लेकिन अब हजारों श्रद्धालु एक साथ बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकते हैं।
संतों की उपस्थिति
इस अवसर पर मलूक पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास देवाचार्य महाराज, संत बलराम दास, संत फूलडोल बिहारी दास और अन्य संत मौजूद थे।
