योगी आदित्यनाथ का अयोध्या दौरा: राम मंदिर दान विवाद पर बढ़ती नजरें
मुख्यमंत्री का प्रस्तावित दौरा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 19 जून को अयोध्या में होने वाला दौरा, राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी के विवाद के बीच महत्वपूर्ण बन गया है। पहले ही इस मामले की गहन जांच के आदेश दिए जा चुके हैं, जिसमें जांच टीम मंदिर के कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है। हाल के दिनों में, इस मामले में उनके कार्यों की भी जांच की जा रही है। यदि योगी आदित्यनाथ इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी करते हैं, तो सभी की नजरें उन पर होंगी।
जिला प्रशासन की तैयारियां
इस दौरे के संदर्भ में, जिला प्रशासन ने एक प्रोटोकॉल तैयार किया है, जिसमें राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चंपत राय की जगह उनके प्रतिनिधि को शामिल करने का निर्णय लिया गया है। यह मामला पहले से ही राजनीतिक चर्चा का विषय बन चुका है। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने मंदिर प्रशासन पर वित्तीय अनियमितताओं और दान की राशि के हड़पने के आरोप लगाए हैं।
महंत नृत्य गोपाल दास की जयंती समारोह
योगी आदित्यनाथ की यात्रा 27 जून को महंत नृत्य गोपाल दास की 88वीं जयंती समारोह के साथ मेल खाती है। इस अवसर पर आध्यात्मिक गुरुओं का एक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, और जश्न की शुरुआत 19 जून से श्री राम कथा के आयोजन से होगी। कई मुख्यमंत्रियों को इस बड़े कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है, और कुछ ने अपनी भागीदारी की पुष्टि भी की है।
विशेष जांच टीम का गठन
उत्तर प्रदेश सरकार ने राम जन्मभूमि मंदिर के लिए मिले दान में गड़बड़ी के आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। इस टीम में लखनऊ डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस, और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर गठित इस टीम को सात दिनों में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।
