योगी आदित्यनाथ और मोदी की बैठक: मंत्रिमंडल विस्तार और चुनावी रणनीति पर चर्चा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की, जिसमें मंत्रिमंडल विस्तार और आगामी चुनावों पर चर्चा की गई। इस बैठक के बाद, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की जाएगी। पंकज चौधरी को नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किए जाने के बाद, पार्टी में कई बदलाव देखने को मिले हैं। इसके अलावा, ब्राह्मण विधायकों की एक बैठक ने भी राजनीतिक हलचल पैदा की है। जानें इस बैठक के पीछे की पूरी कहानी और उत्तर प्रदेश की राजनीति में क्या हो रहा है।
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योगी आदित्यनाथ और मोदी की बैठक: मंत्रिमंडल विस्तार और चुनावी रणनीति पर चर्चा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने मंत्रिमंडल के विस्तार और 2027 के चुनावों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। इसके साथ ही, राज्य की विकास योजनाओं और आगामी चुनावों के लिए राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद, मुख्यमंत्री योगी का भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने का कार्यक्रम दोपहर 3:30 बजे निर्धारित है। यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएँ तेज़ हो गई हैं।


भाजपा में बदलाव और मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी

पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश भाजपा का नया अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद, राज्य मंत्रिपरिषद का लंबे समय से प्रतीक्षित विस्तार और संगठन में बदलाव पार्टी के अगले कदम के रूप में सामने आया है। मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना 14-15 जनवरी, 2026 को मकर संक्रांति के बाद जताई जा रही है। इसके अतिरिक्त, आयोगों, बोर्डों और परिषदों में राजनीतिक नियुक्तियों की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है। हाल के दिनों में भाजपा में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं। हाल ही में, नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया, जबकि उत्तर प्रदेश में पंकज चौधरी को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया।


ब्राह्मण विधायकों की बैठक से राजनीतिक हलचल

भाजपा तब सुर्खियों में आई जब कई ब्राह्मण विधायकों ने एक साथ भोज में भाग लिया, जिससे उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई। कुछ दिन पहले पीएन पाठक के लखनऊ स्थित आवास पर ब्राह्मण भाजपा विधायकों की एक बैठक हुई थी, जिसे "सहभोज" कहा गया। इस बैठक में लगभग 40 विधायक और एमएलसी शामिल हुए।


यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण थी क्योंकि इससे पहले ठाकुर विधायकों ने भी दो बैठकें की थीं। राज्य सरकार के मंत्री जयवीर सिंह और दयाशंकर सिंह, अन्य मंत्रियों और विधायकों के साथ बैठक में शामिल हुए थे। पूर्व सांसद राजवीर सिंह राजू भैया ने भी विधायकों, सांसदों और लोध समुदाय के नेताओं का एक सम्मेलन आयोजित किया था। हालांकि, उस समय पार्टी ने कोई आपत्ति नहीं जताई थी। कुर्मी बौद्धिक विचार मंच के बैनर तले भाजपा के कुर्मी विधायकों ने भी इसी तरह की बैठक की थी, लेकिन तब मामला इतना गंभीर नहीं हुआ था।