यूपी सरकार ने परिवहन कर्मचारियों के अंतिम संस्कार के लिए सहायता राशि बढ़ाई

उत्तर प्रदेश सरकार ने परिवहन कर्मचारियों की मृत्यु पर उनके परिजनों को मिलने वाली सहायता राशि को 5 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये करने का निर्णय लिया है। यह राशि नियमित, संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए लागू होगी। परिवहन मंत्री ने इस योजना के तहत सभी प्रकार के कर्मियों को शामिल करने की बात कही है। यह राशि अब कर्मचारियों के देयकों से नहीं काटी जाएगी, बल्कि सरकार की ओर से दी जाएगी। इस निर्णय से परिवहन कर्मचारियों के परिवारों को महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
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यूपी सरकार ने परिवहन कर्मचारियों के अंतिम संस्कार के लिए सहायता राशि बढ़ाई gyanhigyan

परिवहन कर्मचारियों के लिए नई सहायता योजना

यूपी सरकार ने परिवहन कर्मचारियों के अंतिम संस्कार के लिए सहायता राशि बढ़ाई


उत्तर प्रदेश सरकार ने परिवहन कर्मचारियों की मृत्यु के मामले में उनके परिजनों को मिलने वाली सहायता राशि को बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। यह राशि नियमित, संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए लागू होगी। पहले यह राशि केवल 5 हजार रुपये थी।


उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु एन सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। पहले जो 5 हजार रुपये की सहायता मृत कर्मचारियों के देयकों से काटी जाती थी, उसे अब समाप्त कर दिया गया है। निगम के निदेशक मंडल की 253वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया कि यह 20 हजार रुपये की राशि यात्री राहत एवं सुरक्षा योजना के फंड से दी जाएगी। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री गिरीश चंद्र मिश्र ने इस निर्णय के लिए प्रबंध निदेशक का धन्यवाद किया है।


परिवहन मंत्री का बयान

परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने कहा कि यह प्राविधान राज्य सड़क परिवहन निगम में यात्री राहत एवं सुरक्षा योजना के तहत लागू किया गया है। अब सभी प्रकार के कर्मियों, चाहे वे नियमित, संविदा या आउटसोर्स हों, को इस योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि पहले आश्रितों को केवल 5 हजार रुपये की सहायता दी जाती थी, जिसे कर्मचारियों की सैलरी से काटा जाता था। लेकिन अब यह राशि बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई है।


मंत्री ने यह भी बताया कि परिवहन निगम अपने चालकों और परिचालकों को प्रशिक्षण दे रहा है ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके। यदि फिर भी कोई हादसा होता है और किसी कर्मचारी की मृत्यु होती है, तो यह राशि उनके परिवार को सहायता के रूप में दी जाएगी।