यूपी विधानसभा में रागिनी सोनकर ने महिलाओं के आरक्षण की उठाई मांग

उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में समाजवादी पार्टी की विधायक रागिनी सोनकर ने महिलाओं के अधिकारों और आरक्षण पर जोरदार बयान दिया। उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कई सवाल उठाए और प्रदेश में महिलाओं की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। रागिनी ने विधानसभा में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग की, यह कहते हुए कि जब महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, तो उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व में समान अवसर क्यों नहीं दिया जा रहा है। उनके इस बयान ने विधानसभा में एक नई बहस को जन्म दिया है।
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यूपी विधानसभा में रागिनी सोनकर ने महिलाओं के आरक्षण की उठाई मांग gyanhigyan

महिलाओं के अधिकारों पर जोर

लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी की विधायक रागिनी सोनकर ने महिलाओं के अधिकारों और आरक्षण पर जोरदार बयान दिया। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला करते हुए कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए।

यूपी विधानसभा में रागिनी सोनकर ने महिलाओं के आरक्षण की उठाई मांग

लखनऊ – विधानसभा में बोलीं सपा विधायक रागिनी सोनकर

BJP संसद में नेहरू को कोसती है। विधानसभा में नेताजी कोकोसते हैं। प्रदेश में महिलाओं पर अत्याचार होरहा है। महिलाएं पंचायत का नेतृत्व कर रही थीं।

उसी पंचायत चुनाव को BJP नहीं करा रही है। यूपी विधानसभा में 50% आरक्षण दीजिए, BJP… pic.twitter.com/h6IWMGyIvG

— भारत समाचार | Bharat Samachar April 30, 2026

विधानसभा में अपने भाषण में रागिनी सोनकर ने कहा कि भाजपा पंडित नेहरू की आलोचना करती है, जबकि नेताजी का भी लगातार उल्लेख किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की राजनीति से असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है।

रागिनी ने प्रदेश में महिलाओं की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यूपी में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार की घटनाएं बढ़ रही हैं, जो गंभीर विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले महिलाएं पंचायत स्तर पर नेतृत्व कर रही थीं, लेकिन अब पंचायत चुनावों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

सपा विधायक ने विधानसभा में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग की। उन्होंने कहा कि मौजूदा विधानसभा सीटों पर भी महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए ताकि उनकी राजनीतिक भागीदारी मजबूत हो सके।

उन्होंने भाजपा सरकार से सवाल किया कि जब महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, तो उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व में समान अवसर क्यों नहीं दिया जा रहा है।