यूपी में पेट्रोल पंपों पर हंगामा: ईंधन की कमी की अफवाहों का असर
पेट्रोल पंपों पर भीड़ का कारण
लखनऊ/जयपुर, 6 मार्च 2026: उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में इजरायल-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण पेट्रोल और डीजल की कमी की अफवाहों ने लोगों में हड़कंप मचा दिया है। लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, रामपुर और आस-पास के क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। लोग अपनी गाड़ियों के लिए ईंधन भरवाने के साथ-साथ बड़े कैन, गैलन, ड्रम और यहां तक कि प्लास्टिक की बोतलों में भी ईंधन भरवा रहे हैं।
सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर तेजी से फैल रही अफवाहों में कहा जा रहा है कि युद्ध के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति में बाधा आ सकती है, जिससे पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं या उनकी उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। इस डर के चलते लोग 'पैनिक बाइंग' में जुट गए हैं, जिसके कारण कुछ पंपों पर भीड़ इतनी बढ़ गई है कि स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी है।
हालांकि, तेल विपणन कंपनियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। स्टॉक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और आपूर्ति सुचारू रूप से चल रही है। लखीमपुर खीरी के एक अधिकारी ने बताया, "यह पूरी तरह से अफवाह पर आधारित है। हमारे डिपो में पर्याप्त स्टॉक है और कोई व्यवधान नहीं है। लोग बेवजह घबराहट में जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीद रहे हैं, जिससे कृत्रिम कमी जैसी स्थिति बन रही है।"
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और केवल अपनी सामान्य जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें। अनावश्यक भंडारण न केवल सुरक्षा के लिए खतरनाक है (घर में बड़े कैन में ईंधन रखना आग लगने का जोखिम बढ़ाता है), बल्कि इससे अन्य लोगों को भी परेशानी हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव हो सकता है, लेकिन भारत में तत्काल कोई बड़ा असर नहीं पड़ने वाला है। सरकार और ओएमसी (ऑयल मार्केटिंग कंपनियां) स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और जरूरत पड़ने पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
लोगों से अनुरोध है: अफवाहों पर ध्यान न दें, शांति बनाए रखें और पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है!
