यूपी में दलित छात्र की आत्महत्या: जाति पूछने पर पिटाई का आरोप
छात्र की आत्महत्या से क्षेत्र में हड़कंप
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद थाना क्षेत्र में एक दलित छात्र द्वारा आत्महत्या करने की घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट में दो युवकों पर मारपीट, बेइज्जती और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्यों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। परिजनों का कहना है कि युवक एक युवती का पता पूछने के लिए एक घर गया था।
मारपीट की घटना का विवरण
परिवार का आरोप है कि उसी शाम दो युवक उसके घर आए और उसे अपने साथ ले गए, जहां उसकी कथित तौर पर पिटाई की गई। परिवार का कहना है कि पिटाई इतनी गंभीर थी कि युवक की हाथ की हड्डी भी टूट गई। आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन चेक किया और उसमें से कुछ सामग्री डिलीट कराई।
सुसाइड नोट में क्या लिखा था?
युवक ने अपने सुसाइड नोट में बेइज्जती, दबाव और मानसिक उत्पीड़न का जिक्र किया है। परिजनों का कहना है कि इसी अपमान और तनाव के कारण उसने आत्मघाती कदम उठाया। घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है, और परिजन आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस की जांच प्रक्रिया
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। सुसाइड नोट की फोरेंसिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मृतक के दोस्त का बयान
मृतक के दोस्त ने बताया कि आरएम लाइब्रेरी के दो लड़के आए और उसे बाहर चलने के लिए कहा। फिर उसे राजकीय विद्यालय के पास ले जाकर जाति पूछी गई। जब उसने बताया कि वह जाटव है, तो वहां मौजूद लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। दोस्त ने यह भी कहा कि आरोपियों ने उसके फोन और ईयर बड्स को तोड़ दिया।
पुलिस की कार्रवाई
शिकोहबाद सीओ अमरेश कुमार ने बताया कि 17 मई को सुबह 8 बजे सूचना मिली कि ग्राम नगला बिटोलिया के अतीक कुमार (17 वर्ष) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पीएम के लिए कब्जे में ले लिया। मृतक के पिता की तहरीर पर थाना शिकोहाबाद में विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
