यूपी में कुत्ते की पूजा: भैरव बाबा मंदिर की अनोखी कहानी
कुत्ते की पूजा का अनोखा मामला
भारत में विभिन्न जातियों और धर्मों के लोग निवास करते हैं, और यहां कई जातियां किसी न किसी को देवता मानती हैं। खासकर, भारत में सूर्य और पेड़ों को भी पूजा जाता है।
हाल ही में, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के चिपियाना बुजुर्ग गांव में एक अनोखी घटना सामने आई है। यहां भैरव बाबा मंदिर के परिसर में एक कुत्ते की मूर्ति है, जो लोगों की आस्था का केंद्र बन चुकी है। मान्यता है कि यदि किसी को कुत्ते ने काट लिया हो, तो उसे मंदिर के पास स्थित तालाब में स्नान करने से राहत मिलती है।
इस मंदिर की मान्यता इतनी प्रबल है कि लोग दूर-दूर से यहां कुत्ते की मूर्ति की पूजा करने आते हैं और प्रसाद चढ़ाते हैं। बताया जा रहा है कि एक स्थानीय निवासी, लाखा बंजारे, ने अपने कुत्ते की मृत्यु के बाद उसे यहीं दफनाया था, जिसके बाद गांव वालों ने उसकी कब्र पर एक मंदिर का निर्माण किया।
जादुई तालाब की मान्यता
चिपियाना गांव में भैरव मंदिर के पास स्थित कुत्ते की समाधि की कहानी भी दिलचस्प है। यहां एक तालाब भी है, जिसमें स्नान करने से कुत्ते के काटने का प्रभाव कम हो जाता है। हर शनिवार यहां श्रद्धालुओं की भीड़ लगती है।
यहां तक कि यह मान्यता है कि तालाब में स्नान करने से रेबीज का खतरा भी कम हो जाता है। मंदिर के बाहर एक कुंड भी है, जहां लोग तालाब में स्नान नहीं कर पाते, वे वहां जाकर स्नान कर लेते हैं।
कहानी का रहस्य
ग्रामीणों का कहना है कि कुत्ते की पूजा के पीछे एक दिलचस्प कहानी है। लगभग 150 साल पहले, लाखा नामक एक खानाबदोश ने अपने कुत्ते के लिए एक मकबरा बनवाया था।
कहानी के अनुसार, लाखा ने एक व्यापारी से पैसे उधार लिए थे और समय पर चुकता न कर पाने के कारण अपने कुत्ते को गिरवी रख दिया। कुछ समय बाद, व्यापारी के घर चोरी हो गई, लेकिन कुत्ते ने न तो चोरों पर भौंका और न ही अपने मालिक को जगाया।
जब व्यापारी को चोरी का पता चला, तो उसने कुत्ते पर गुस्सा किया। लेकिन कुत्ते ने अपने मालिक को उस स्थान पर ले जाकर चोरी का सामान दिखाया। व्यापारी ने कुत्ते को इनाम में आज़ाद किया। लेकिन लाखा ने गुस्से में आकर कुत्ते को गोली मार दी। जब उसे सच्चाई का पता चला, तो उसने पश्चाताप के प्रतीक के रूप में भैरव बाबा मंदिर में कुत्ते के लिए समाधि बनवाई।
