यूपी के मदरसों में नौकरी घोटाला: परिवार के सदस्यों को दी गई नियुक्तियां
मदरसों में नौकरी घोटाले का खुलासा
उत्तर प्रदेश में सरकारी सहायता से चलने वाले मदरसों में एक गंभीर नौकरी घोटाले का मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मदरसों के प्रबंधकों ने अपने परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरी देकर उन्हें शिक्षक बना दिया। यह घोटाला केवल एक या दो मदरसों में नहीं, बल्कि बारांबकी, जौनपुर, बस्ती और कुशीनगर जैसे कई जिलों में पाया गया है। जांच शुरू हो गई है, जिसमें यह स्पष्ट हुआ है कि नियमों का उल्लंघन किया गया है। कानून के अनुसार, सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों में प्रबंधक अपने रिश्तेदारों को नौकरी नहीं दे सकते। इस नियम से बचने के लिए, प्रबंधक ने अपने पद से इस्तीफा देकर किसी अन्य व्यक्ति को प्रबंधक बना दिया और फिर अपने परिवार के सदस्यों को नियुक्त किया।
कप्तानगंज में दामादों की नियुक्ति
बस्ती के कप्तानगंज में स्थित मदरसा अहले सुन्नत फैजुन्नबी के प्रबंधक मुनीर अली ने अपने पांच दामादों को नौकरी पर रखा। इसके लिए उन्होंने 2008 में प्रबंधक पद से इस्तीफा दिया और मोहम्मद अली को प्रबंधक बना दिया। 2008 से 2010 के बीच, मुनीर अली के दामादों को नियुक्त किया गया। जैसे ही दामादों की नियुक्ति हुई, मोहम्मद अली ने प्रबंधक पद छोड़ दिया और मुनीर अली फिर से इस पद पर लौट आए।
बाराबंकी में बेगम और साले की नियुक्ति
बाराबंकी में मदरसा जामिया मदीनतुल उलूम रसौली के प्रबंधक अयाज अहमद ने भी इसी तरह का फर्जीवाड़ा किया। उन्होंने प्रबंधक पद छोड़कर अपने चाचा इसरार अहमद को प्रबंधक बना दिया। अयाज की पत्नी और साले को शिक्षक बना दिया गया। नियुक्ति के बाद, इसरार अहमद ने प्रबंधक पद छोड़ दिया और अयाज फिर से इस पद पर लौट आए।
जौनपुर में फर्जी नौकरियों का मामला
जौनपुर के मछलीशहर में मदरसा रियाजुल उलूम में प्रबंधक बकरिदू खान ने अपनी पत्नी और दो बेटों को नौकरी पर रखा। सभी की नियुक्ति एक ही दिन हुई। इसी तरह, अन्य रिश्तेदारों को भी नौकरी दी गई।
कुशीनगर में परिवार के सदस्यों की नियुक्ति
कुशीनगर के मदरसा मोहम्मदतिया फैज ए रसूल में प्रबंधक मुमताज आलम सिद्दीकी ने अपने परिवार के छह सदस्यों को नौकरी पर रखा। उनकी बेटी को टीचर बनाया गया, जबकि वह मार्च में दुबई चली गई थी, फिर भी उसकी उपस्थिति दर्ज की जाती रही।
सरकार का एक्शन
मदरसों में इस घोटाले के उजागर होने के बाद, सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। यूपी के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि मदरसों में गड़बड़ियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षकों को ऐसे लोगों को वेतन दिया जाता है जो पढ़ाते नहीं हैं, तो यह छात्रों के साथ अन्याय है।
