यूपी एसटीएफ ने कुख्यात अपराधी भानु प्रताप सिंह को मुठभेड़ में ढेर किया

उत्तर प्रदेश की एसटीएफ ने कुख्यात अपराधी भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू को एक मुठभेड़ में मार गिराया। यह अपराधी लंबे समय से फरार था और उसके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज थे। इस एनकाउंटर के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। जानें इस घटना से जुड़ी 10 महत्वपूर्ण बातें, जिसमें उसकी गिरफ्तारी के लिए घोषित इनाम और मुठभेड़ की पूरी कहानी शामिल है।
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यूपी एसटीएफ ने कुख्यात अपराधी भानु प्रताप सिंह को मुठभेड़ में ढेर किया gyanhigyan

भानु प्रताप सिंह का एनकाउंटर

यूपी एसटीएफ ने कुख्यात अपराधी भानु प्रताप सिंह को मुठभेड़ में ढेर किया


उत्तर प्रदेश की विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। कुख्यात अपराधी भानु प्रताप सिंह, जिसे बबलू के नाम से जाना जाता है, को एक मुठभेड़ में मार गिराया गया। यह अपराधी लंबे समय से फरार था और उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग जैसे गंभीर आरोप थे। पुलिस रिकॉर्ड में उसका नाम प्रदेश के खतरनाक अपराधियों में शामिल था।


इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने इस एनकाउंटर की पुष्टि की। आइए जानते हैं भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू और इस एनकाउंटर से जुड़ी 10 महत्वपूर्ण बातें।


1. भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र के विखानपुर गांव का निवासी था। पुलिस के अनुसार, वह लंबे समय से संगठित अपराध में संलग्न था और उसकी आपराधिक गतिविधियाँ कई जिलों में फैली हुई थीं।


2. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, भानु प्रताप सिंह पर हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े लगभग 40 मामले दर्ज थे। यही कारण था कि वह कानून-व्यवस्था एजेंसियों की प्राथमिकता सूची में था।



3. भानु प्रताप सिंह की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न पुलिस अधिकारियों द्वारा कुल 1.65 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।


4. यह मुठभेड़ अयोध्या जिले के महाराजगंज थाना क्षेत्र में एमी घाट के पास रविवार रात हुई। घटना रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है।


5. जानकारी के अनुसार, एसटीएफ की टीम क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों की तलाश में थी। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध बदमाशों का सामना हुआ। रोकने की कोशिश पर दोनों तरफ से फायरिंग शुरू हो गई और मुठभेड़ शुरू हो गई।


6. मुठभेड़ के दौरान भानु प्रताप सिंह को गोली लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हालांकि, उसका दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा।


7. मुठभेड़ के बाद घायल भानु प्रताप सिंह को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस बुलवाई गई, लेकिन तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। इसके बाद एसटीएफ के जवान उसे खुद अस्पताल लेकर गए, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज दर्शननगर रेफर किया गया।


8. मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान भानु प्रताप सिंह की हालत गंभीर बनी रही। डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।


9. भानु प्रताप सिंह कई वर्षों से फरार था और लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था। पुलिस के अनुसार, वह संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और कई मामलों में वांछित था। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई जिलों की पुलिस और एसटीएफ लगातार अभियान चला रही थी।


10. एनकाउंटर के बाद पुलिस की अगली प्राथमिकता भानु प्रताप सिंह के साथ मौजूद उसके फरार साथी को गिरफ्तार करना है। अधिकारियों का कहना है कि उसकी पहचान कर ली गई है और जल्द ही उसे पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।