यूक्रेन युद्ध के अंत की ओर बढ़ते कदम: पुतिन का बयान
पुतिन का आशावादी बयान
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में कहा है कि यूक्रेन युद्ध का अंत निकट है, जिससे चार साल से अधिक समय से चल रहे संघर्ष के बाद शांति वार्ता की नई संभावनाएं उत्पन्न हुई हैं। शनिवार को मॉस्को में विजय दिवस समारोह के दौरान दिए गए अपने भाषण में पुतिन ने कहा, "मुझे लगता है कि यह मामला अब समाप्त होने वाला है।" इस बयान को कई लोग रूस की वार्ता प्रक्रिया में शामिल होने की ओर एक मजबूत संकेत मान रहे हैं। यह टिप्पणी तब आई है जब रूस और यूक्रेन ने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा प्रस्तावित तीन दिवसीय युद्धविराम की शुरुआत की है। दोनों देशों ने 1,000 कैदियों के आदान-प्रदान पर भी सहमति जताई, जो युद्ध के आरंभ के बाद से सबसे बड़ा आदान-प्रदान है।
विजय दिवस परेड और पुतिन की टिप्पणियाँ
इस वर्ष रूस का विजय दिवस परेड पिछले वर्षों की तुलना में काफी छोटा था। इस अवसर पर रेड स्क्वायर से कोई टैंक नहीं गुजरा, बल्कि विशाल स्क्रीन पर मिसाइलें, ड्रोन और लड़ाकू विमान प्रदर्शित किए गए। पुतिन ने अपने भाषण में रूसी सैनिकों की प्रशंसा की और नाटो देशों पर रूस के खिलाफ आक्रामक कार्रवाइयों का समर्थन करने का आरोप लगाया। रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर कोरियाई सैनिक भी इस परेड में शामिल हुए, जिन्होंने कथित तौर पर कुर्स्क क्षेत्र में रूसी सेना के साथ मिलकर लड़ाई लड़ी थी।
यूरोपीय नेताओं के साथ बातचीत की संभावना
पुतिन ने यह भी संकेत दिया कि रूस यूरोपीय नेताओं के साथ बातचीत फिर से शुरू करने के लिए तैयार हो सकता है। जब उनसे पूछा गया कि वे किस यूरोपीय नेता से बात करना चाहेंगे, तो उन्होंने पूर्व जर्मन चांसलर गेरहार्ड श्रोएडर का नाम लिया, जिनका मॉस्को के साथ लंबे समय से संबंध रहा है। पुतिन ने यह भी कहा कि वे यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की से तब ही मुलाकात करेंगे जब दोनों पक्ष पहले एक दीर्घकालिक शांति योजना पर सहमत हो जाएंगे।
ट्रंप का युद्धविराम का आग्रह
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों से अस्थायी युद्धविराम को बढ़ाने और युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया। ट्रंप ने वाशिंगटन में पत्रकारों से कहा, "मैं इसे रुकते देखना चाहता हूं।" उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से सबसे भयानक स्थिति है। अब तक युद्धविराम उल्लंघन की कोई बड़ी रिपोर्ट नहीं आई है, हालांकि हाल के दिनों में दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमले का आरोप लगाया है।
