यूक्रेन के सुरक्षा सचिव का भारत दौरा: कूटनीतिक वार्ता और नागरिकों की गिरफ्तारी का संदर्भ
यूक्रेन के सुरक्षा सचिव रस्टम ओमेरो ने भारत का दौरा किया, जहां उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोबाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ महत्वपूर्ण वार्ता की। यह दौरा छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक की गिरफ्तारी के संदर्भ में हुआ, जो म्यांमार के विद्रोही समूहों को ड्रोन युद्ध की ट्रेनिंग देने के आरोप में गिरफ्तार किए गए थे। इस मुलाकात में द्विपक्षीय संबंधों और युद्ध की स्थिति पर चर्चा की गई, और भारत ने शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। ओमेरो ने भारत की समझ की सराहना की और दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
| Apr 18, 2026, 19:32 IST
यूक्रेन के सुरक्षा सचिव का भारत दौरा
भारत में हाल ही में छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक की गिरफ्तारी के बाद, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलस्की के करीबी सहयोगी और सुरक्षा परिषद के सचिव रस्टम ओमेरो ने भारत का दौरा किया। उन्होंने नई दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोबाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ विस्तृत चर्चा की। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और कानूनी विवाद अपने चरम पर हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य संदर्भ पिछले महीने 13 मार्च को मिजोरम में हुई घटना है, जब भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया था। एनआईए ने इन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें यह दावा किया गया है कि ये लोग टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे, लेकिन उनका असली उद्देश्य म्यांमार के विद्रोही समूहों को ड्रोन युद्ध की ट्रेनिंग देना और हथियार प्रदान करना था।
यूक्रेन ने इस गिरफ्तारी पर पहले ही कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। उन्होंने एक प्रोटेस्ट नोट जारी कर अपने नागरिकों की रिहाई की मांग की थी, यह कहते हुए कि सीमाओं की अस्पष्टता के कारण अनजाने में सीमा पार की गई होगी। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच उमेरो का भारत आना कई सवाल उठाता है। हालांकि, डोबाल और उमेरो की बैठक का मुख्य एजेंडा द्विपक्षीय संबंधों और युद्ध की स्थिति पर चर्चा करना था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की एक तस्वीर साझा की और बताया कि दोनों पक्षों ने सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। डोबाल ने फिर से यह स्पष्ट किया कि भारत शांति का पक्षधर है, लेकिन यह शांति संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है। भारत ने यह भी कहा कि किसी भी मुद्दे का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं हो सकता।
बैठक के बाद, यूक्रेन के उमेरोव ने कहा कि उन्होंने डोबाल को फ्रंट लाइन की वास्तविकता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने भारत की समझ की सराहना करते हुए कहा कि वह समाधान खोजने की साझा समझ के लिए आभारी हैं। हालांकि, यह माना जा रहा है कि बंद कमरों में फंसे यूक्रेनी नागरिकों के बारे में भी एनएसए डोबाल के साथ चर्चा हुई होगी, लेकिन भारत ने इस पर कोई पुष्टि नहीं की। इसके अलावा, उमेरोव ने विदेश मंत्री जयशंकर से भी अलग से मुलाकात की, जहां चर्चा का केंद्र अगस्त 204 में पीएम मोदी की कीव यात्रा के दौरान हुए समझौतों पर रहा। यूक्रेन चाहता है कि भारत उन समझौतों को लागू करने में तेजी दिखाए और शांति बहाली में अपनी भूमिका निभाए। हालांकि, यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी के बारे में कोई नई जानकारी सामने नहीं आई, लेकिन उमेरोव की यात्रा को इस संदर्भ में देखा जा रहा है।
