यूक्रेन और रूस के बीच बढ़ते तनाव के बीच हवाई हमलों की श्रृंखला
यूक्रेन और रूस के बीच तनाव में वृद्धि
यूक्रेन और रूस के बीच तनाव एक बार फिर से बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। हाल ही में, रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव और उसके आस-पास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। यह हमले तब हुए हैं जब दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियों में तेजी आई है, और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस के हवाई क्षेत्र को लेकर गंभीर चेतावनी दी थी।
सातवें दिन कीव पर हमले
रिपोर्टों के अनुसार, 2 सितंबर को कीव में रूसी ड्रोन हमलों का यह लगातार सातवां दिन था। हमलों के दौरान राजधानी के विभिन्न हिस्सों में विस्फोट और आग लगने की घटनाएं हुईं। आवासीय इमारतों और एक विश्वविद्यालय को भी नुकसान पहुंचा है, जिसमें कम से कम 11 लोग घायल हुए।
इससे पहले, 1 सितंबर की रात और मंगलवार सुबह तक चले बड़े हवाई हमले में कीव और आसपास के क्षेत्रों में कम से कम 12 लोगों की मौत और 21 लोग घायल होने की सूचना मिली थी। अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में कई प्रकार के मिसाइलों के साथ बड़ी संख्या में ड्रोन का उपयोग किया गया।
जेलेंस्की की चेतावनी और तनाव में वृद्धि
इस घटनाक्रम को यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की की हालिया चेतावनी से भी जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा था कि रूस के हवाई क्षेत्र में यूक्रेनी ड्रोन गतिविधियों के कारण नागरिक विमानों की सुरक्षा को खतरा बढ़ गया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय विमानन समुदाय से इस खतरे को गंभीरता से लेने की अपील की।
रूस ने जेलेंस्की के इस रुख को खारिज करते हुए कहा कि देश का नागरिक विमानन संचालन जारी रहेगा और हवाई सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
पुतिन की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन की ड्रोन गतिविधियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। मॉस्को ने यूक्रेन पर तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया है। इस बीच, रूस ने यूक्रेन के विभिन्न हिस्सों में हवाई हमलों का सिलसिला जारी रखा।
रिपोर्टों के अनुसार, रूस ने केवल कीव ही नहीं बल्कि ओडेसा और अन्य क्षेत्रों में भी हमले किए। ओडेसा में बिजली से जुड़ी सुविधाओं को नुकसान पहुंचने के बाद कई घरों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।
कीव की सामान्य जिंदगी पर असर
लगातार हवाई हमलों ने यूक्रेन की राजधानी की सामान्य जिंदगी को प्रभावित किया है। एयर रेड अलर्ट के कारण सार्वजनिक परिवहन और अन्य सेवाओं में व्यवधान आया है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
कीव में कई दिनों से हवाई चेतावनियों के कारण स्कूल, विश्वविद्यालय और अन्य संस्थानों के सामान्य कामकाज पर भी असर पड़ा है। यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए हवाई सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
एयर अलर्ट सिस्टम में बदलाव
लगातार हमलों के बीच, जेलेंस्की ने यूक्रेन के एयर-रेड अलर्ट सिस्टम में बदलाव की घोषणा की है। मौजूदा व्यवस्था में किसी इलाके में हवाई खतरे के लिए सामान्य चेतावनी जारी की जाती है। नई व्यवस्था का उद्देश्य विभिन्न प्रकार के हवाई खतरों के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी देना है, ताकि नागरिकों को स्थिति समझने में आसानी हो।
यूक्रेनी प्रशासन का मानना है कि लगातार चेतावनियों के बीच लोगों को यह पता होना चाहिए कि खतरा किस प्रकार का है और संबंधित इलाके में सुरक्षा व्यवस्था किस प्रकार सक्रिय है।
ऊर्जा ढांचे पर चिंता
जेलेंस्की ने आने वाले समय में यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर संभावित रूसी हमलों को लेकर चिंता जताई है। यूक्रेन पहले से ही बिजली और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर होने वाले हमलों के प्रभाव से जूझता रहा है।
ओडेसा क्षेत्र में हालिया हमलों के बाद बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की रिपोर्ट सामने आई है। इससे आशंका बढ़ी है कि सर्दियों से पहले ऊर्जा सुविधाओं की सुरक्षा दोनों पक्षों के लिए बड़ा मुद्दा बन सकती है।
जवाबी हमले तेज
इस समय रूस और यूक्रेन दोनों तरफ से ड्रोन हमलों की गतिविधियां बढ़ी हुई हैं। यूक्रेन ने रूस के भीतर भी ड्रोन हमलों की अपनी क्षमता का इस्तेमाल तेज किया है, जबकि रूस यूक्रेन के शहरों और बुनियादी ढांचे पर हवाई हमले कर रहा है।
रूस का कहना है कि उसके हमले सैन्य और ऊर्जा से जुड़े लक्ष्यों को निशाना बनाते हैं, जबकि यूक्रेनी अधिकारियों का आरोप है कि रूसी हमलों से नागरिक इलाकों और महत्वपूर्ण सुविधाओं को नुकसान पहुंच रहा है। दोनों पक्षों के दावों के बीच स्वतंत्र रूप से हर घटना की पुष्टि करना हमेशा संभव नहीं होता।
शांति की कोशिशों के बीच चिंता
रूस-यूक्रेन युद्ध पहले ही लंबे समय से जारी है और लगातार बढ़ते हवाई हमलों ने तनाव को और गंभीर बना दिया है। कीव पर लगातार सात दिनों तक हमले और यूक्रेन की ओर से रूस के भीतर ड्रोन गतिविधियों में बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि फिलहाल सैन्य टकराव में कमी के स्पष्ट संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं।
फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर है कि रूस और यूक्रेन के बीच यह बढ़ता तनाव आगे किस दिशा में जाता है। सबसे बड़ी चिंता आम नागरिकों की सुरक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को होने वाले नुकसान को लेकर बनी हुई है।
