मोनालिसा की प्रेग्नेंसी विवाद में पुलिस की कार्रवाई

मोनालिसा भोंसले और उनके पति मोहम्मद फरमान का मामला अब कानूनी पेचिदगियों में उलझ गया है। मध्य प्रदेश पुलिस की टीम को कोच्चि में मोनालिसा की प्रेग्नेंसी और उम्र विवाद के चलते खाली हाथ लौटना पड़ा। मोनालिसा ने सुरक्षा की गुहार लगाई है, जबकि केरल हाई कोर्ट ने फरमान को राहत दी है। इस मामले में जोशुआ नामक एक दोस्त की भी तलाश जारी है, जो इस जोड़े की मदद कर रहा था। जानें इस विवाद के सभी पहलुओं के बारे में।
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मोनालिसा की प्रेग्नेंसी विवाद में पुलिस की कार्रवाई gyanhigyan

मोनालिसा और मोहम्मद फरमान का मामला

मोनालिसा प्रेग्नेंसी समाचार: प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान अपनी तस्वीरों के कारण चर्चा में आई मोनालिसा भोंसले और उनके पति मोहम्मद फरमान का मामला अब कानूनी पेचिदगियों में उलझ गया है। मध्य प्रदेश के महेश्वर से केरल के कोच्चि पहुंची पुलिस की पांच सदस्यीय टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा है। इस मामले में नया मोड़ प्रेग्नेंसी और उम्र के विवाद को लेकर आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महेश्वर पुलिस की टीम (जिसमें एक महिला सब-इंस्पेक्टर भी शामिल थी) फरमान और मोनालिसा को हिरासत में लेने के लिए कोच्चि पहुंची थी।


मोनालिसा की प्रेग्नेंसी विवाद में पुलिस की कार्रवाई
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हालांकि, मोहम्मद फरमान ने पुलिस को बताया कि मोनालिसा गर्भवती हैं और इस स्थिति में वह यात्रा करने या पुलिस के सामने पेश होने में असमर्थ हैं। मानवीय आधार और कानूनी अड़चनों को देखते हुए MP पुलिस की टीम को फिलहाल वहां से वापस लौटना पड़ा है। लेकिन पुलिस इस मामले की जांच जारी रखेगी।


उम्र विवाद में उलझा मामला

नाबालिग या बालिग? उम्र पर फंसा पेंच


यह विवाद मोनालिसा की उम्र को लेकर शुरू हुआ है। उनके पिता ने मध्य प्रदेश के महेश्वर थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि मोनालिसा की उम्र केवल 16 साल है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में भी मोनालिसा को नाबालिग पाया गया था। इसी आधार पर पुलिस ने फरमान के खिलाफ POCSO एक्ट, अपहरण और SC/ST अधिनियम के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। दूसरी ओर, मोनालिसा का कहना है कि वह 18 साल की हो चुकी हैं और उन्होंने अपनी मर्जी से 11 मार्च को तिरुवनंतपुरम के एक मंदिर में फरमान से शादी की है।


केरल हाई कोर्ट से मिली राहत

केरल हाई कोर्ट से फरमान को राहत


मध्य प्रदेश पुलिस की कार्रवाई के बीच केरल हाई कोर्ट ने मोहम्मद फरमान को बड़ी राहत दी है। अदालत ने फरमान के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर 20 मई तक के लिए रोक लगा दी है। इसी अदालती आदेश और मोनालिसा की कथित स्वास्थ्य स्थिति के कारण मध्य प्रदेश पुलिस कोच्चि में मौजूद होने के बावजूद इस जोड़े पर हाथ नहीं डाल सकी।


मोनालिसा की सुरक्षा की गुहार

मोनालिसा ने मुख्यमंत्री से मांगी सुरक्षा


जैसे ही MP पुलिस कोच्चि पहुंची, मोनालिसा ने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और कोच्चि पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर सुरक्षा की गुहार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जबरन मध्य प्रदेश ले जाने की कोशिश की जा सकती है। मोनालिसा का कहना है कि वह अपने पति के साथ केरल में सुरक्षित रहना चाहती हैं।


जोशुआ की तलाश जारी

मददगार जोशुआ की तलाश जारी


पुलिस न केवल इस जोड़े की तलाश में थी, बल्कि उन्हें फरमान के दोस्त जोशुआ की भी तलाश है। जोशुआ पर आरोप है कि उसने इस जोड़े को केरल में छिपने, रहने और शादी के इंतजाम करने में पूरी मदद की है। फिलहाल वह भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।