मोदी सरकार का बड़ा कदम: कोयले से गैस उत्पादन योजना को मिली मंजूरी
कोयला भंडार का उपयोग
वर्तमान वैश्विक चुनौतियों और गैस आपूर्ति संकट के बीच, मोदी सरकार ने देश के विशाल कोयला भंडार को ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कोयले से गैस बनाने की महत्वाकांक्षी योजना को स्वीकृति दी गई। सरकार का मानना है कि अगले चार से पांच वर्षों में बड़े पैमाने पर कोयले से गैस का उत्पादन शुरू होने पर भारत गैस के मामले में आत्मनिर्भर बन सकेगा, जिससे वैश्विक आपूर्ति चुनौतियों और आयात निर्भरता का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस फैसले की जानकारी केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाता सम्मेलन में दी।
गैसीकरण परियोजनाओं के लिए वित्तीय योजना
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सतही कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए 37,500 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी। इस योजना का उद्देश्य 2030 तक 10 करोड़ टन कोयले के गैसीकरण के राष्ट्रीय लक्ष्य को गति देना है। इसके तहत लगभग 7.5 करोड़ टन कोयले और लिग्नाइट के गैसीकरण का लक्ष्य रखा गया है। इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और एलएनजी, यूरिया, अमोनिया तथा मेथनाल जैसे उत्पादों के आयात पर निर्भरता कम होगी। योजना के अंतर्गत संयंत्र और मशीनरी लागत का अधिकतम 20 प्रतिशत तक प्रोत्साहन दिया जाएगा।
किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि
मंत्रिमंडल की बैठक में खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी को भी मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना है। सूरजमुखी के बीज के समर्थन मूल्य में सबसे अधिक 622 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद कपास में 557 रुपये, रामतिल में 515 रुपये और तिल में 500 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।
अहमदाबाद से धोलेरा तक सेमी हाई स्पीड रेल परियोजना
मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने गुजरात में अहमदाबाद से धोलेरा तक सेमी हाई स्पीड डबल रेल लाइन परियोजना को भी मंजूरी दी। यह परियोजना लगभग 20,667 करोड़ रुपये की लागत से 2030-31 तक पूरी की जाएगी। यह भारतीय रेल की पहली सेमी हाई स्पीड परियोजना होगी, जिसमें स्वदेशी तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
नागपुर हवाई अड्डे का उन्नयन
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नागपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उन्नयन और आधुनिकीकरण को भी मंजूरी दी। यह कार्य सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल के तहत किया जाएगा। इसके लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की जमीन के पट्टे की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
