मोदी और मैक्रॉन ने पश्चिम एशिया में शांति के लिए संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के साथ पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए समन्वय करने की इच्छा व्यक्त की। मैक्रॉन ने ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले की निंदा की और अमेरिका तथा ईरान के बीच सीधी बातचीत का आह्वान किया। मोदी ने ओमान के सुल्तान और मलेशियाई प्रधानमंत्री से भी बातचीत की, जिसमें क्षेत्र में तनाव कम करने पर जोर दिया गया।
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मोदी और मैक्रॉन ने पश्चिम एशिया में शांति के लिए संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया

संवाद और कूटनीति की आवश्यकता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से बातचीत में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। मोदी ने कहा कि वे क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए मैक्रॉन के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं। उन्होंने कहा, "मैंने राष्ट्रपति मैक्रॉन से पश्चिम एशिया की स्थिति और संघर्ष को कम करने की आवश्यकता के बारे में चर्चा की। हम शांति और स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए अपने समन्वय को जारी रखने के लिए उत्सुक हैं।"


 


मैक्रॉन ने खाड़ी में ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले को लापरवाह युद्ध करार देते हुए इसकी निंदा की। उन्होंने ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ की वार्ता में चेतावनी दी कि यदि ऊर्जा उत्पादन क्षमताएं नष्ट हो जाती हैं, तो इसका दीर्घकालिक प्रभाव होगा। मैक्रॉन ने इस मुद्दे पर अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत का आह्वान किया, लेकिन ईरान ने उनके रुख की आलोचना की। तेहरान ने कहा कि इजरायली और अमेरिकी कार्रवाइयों की निंदा करने में वे विफल रहे हैं।


 


इससे पहले, मोदी ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से भी बातचीत की। तीनों नेताओं ने क्षेत्र में संघर्ष को कम करने और शांति बहाल करने पर चर्चा की। मोदी ने ओमान के सुल्तान और मलेशियाई प्रधानमंत्री के साथ टेलीफोन पर बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन की आवश्यकता पर भी जोर दिया।


 


मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ सार्थक बातचीत की और ओमान के लोगों को ईद की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमें (खाड़ी क्षेत्र में) तनाव कम करने और शांति बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री ने ओमान की संप्रभुता का सम्मान करते हुए भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के प्रयासों की सराहना की।