मेरठ में रिश्वतखोरी का मामला: जूनियर इंजीनियर और ड्राइवर रंगे हाथ गिरफ्तार

मेरठ में भ्रष्टाचार निरोधक संगठन ने एक जूनियर इंजीनियर और उसके ड्राइवर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। ठेकेदार ने शिकायत की थी कि उसके रुके हुए भुगतान को जारी कराने के लिए रिश्वत मांगी गई थी। ACO ने जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और आगे की कार्रवाई के बारे में।
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मेरठ में रिश्वतखोरी का मामला: जूनियर इंजीनियर और ड्राइवर रंगे हाथ गिरफ्तार gyanhigyan

मेरठ में भ्रष्टाचार निरोधक कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के मेरठ में, भ्रष्टाचार निरोधक संगठन (ACO) ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एक जूनियर इंजीनियर और उसके ड्राइवर को रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने ठेकेदार से एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, ताकि वह उसके रुके हुए भुगतान को जारी कर सकें। ACO के मेरठ प्रकोष्ठ के प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र कुमार ने बताया कि बागपत के ठेकेदार सत्येंद्र सिंह तोमर ने इस मामले की शिकायत की थी।


रिश्वत की मांग और जाल बिछाना

प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि ठेकेदार ने 2023 में एक निर्माण कार्य पूरा किया था, लेकिन उसका लगभग 25 लाख रुपये का भुगतान लम्बे समय से रोका गया था। ठेकेदार का आरोप है कि जूनियर इंजीनियर योगेंद्र सिंह ने पहले 1.70 लाख रुपये की मांग की थी, लेकिन बाद में यह राशि घटाकर एक लाख रुपये कर दी गई। शिकायत के आधार पर, ACO ने जाल बिछाया और ठेकेदार को केमिकल लगे नोट देकर राजकीय निर्माण निगम के ऑफिस भेजा।


गिरफ्तारी की प्रक्रिया

रिपोर्टों के अनुसार, इंजीनियर योगेंद्र सिंह ने पैसे सीधे लेने के बजाय अपने प्रोजेक्ट मैनेजर के ड्राइवर नीरज पाल को पैसे लेने के लिए भेजा। जैसे ही ड्राइवर ने एक लाख रुपये प्राप्त किए, ACO की टीम ने उसे मौके पर पकड़ लिया। इसके बाद, टीम ड्राइवर को दफ्तर ले गई, जहां इंजीनियर ने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे भी हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।