मेरठ में माफिया उधम सिंह की रिहाई से बढ़ी सुरक्षा चिंताएं

मेरठ के कुख्यात माफिया उधम सिंह की रिहाई के बाद पुलिस ने सुरक्षा उपायों को बढ़ा दिया है। चार साल और आठ महीने बाद जेल से बाहर आने के बाद, उधम सिंह के पुराने दुश्मनों के सक्रिय होने की आशंका है। पुलिस ने संभावित गैंगवार को रोकने के लिए हाई अलर्ट जारी किया है और उसके करीबियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। जानें इस स्थिति के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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मेरठ में माफिया उधम सिंह की रिहाई से बढ़ी सुरक्षा चिंताएं

उधम सिंह की रिहाई और सुरक्षा उपाय

मेरठ में माफिया उधम सिंह की रिहाई से बढ़ी सुरक्षा चिंताएं

मेरठ। मेरठ और पश्चिम उत्तर प्रदेश का कुख्यात माफिया उधम सिंह लगभग चार साल और आठ महीने बाद जेल से जमानत पर रिहा हो गया है। उन्नाव जेल से रिहाई के बाद पुलिस विभाग सतर्क हो गया है। पुराने गैंग के विवादों के कारण पश्चिम यूपी में संभावित गैंगवार की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते मेरठ और आस-पास के जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।

पुलिस के अनुसार, उधम सिंह की रिहाई के बाद उसके पुराने प्रतिद्वंद्वियों के सक्रिय होने की संभावना है। विशेष रूप से योगेश भदौड़ा गैंग के साथ उसकी पुरानी दुश्मनी को देखते हुए किसी बड़ी घटना की आशंका जताई जा रही है। इसलिए सरधना सर्किल के करनावल, भदौड़ा और आसपास के गांवों में पुलिस चौकसी बढ़ा दी गई है।

उधम सिंह रिहाई के बाद अपने करनावल स्थित घर नहीं पहुंचा है। पुलिस को संदेह है कि वह उत्तराखंड या पंजाब में कहीं ठिकाना बना सकता है। उसकी गतिविधियों और लोकेशन पर नजर रखने के लिए खुफिया तंत्र को सक्रिय किया गया है।

उधम सिंह को 20-21 जुलाई 2021 को करनावल स्थित इंडियन बैंक शाखा में शाखा प्रबंधक गौरव राजपूत और स्टाफ को धमकाने और रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में सरूरपुर थाने में नामजद मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसके बाद 22 जुलाई को उसे जेल भेजा गया था। सुरक्षा कारणों से उसे बाद में उन्नाव जेल में स्थानांतरित किया गया था।

उधम सिंह की रिहाई के बाद पुलिस ने उसके करीबियों और सहयोगियों की गतिविधियों पर भी नजर रखना शुरू कर दिया है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जेल से बाहर आने के बाद वह किन लोगों के संपर्क में है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।