मेघालय में जमानत पर विवाद: राजा रघुवंशी के परिवार का आक्रोश
राजा रघुवंशी के परिवार का गहरा सदमा
मेघालय की एक स्थानीय अदालत द्वारा सोनम रघुवंशी को जमानत देने के निर्णय ने इंदौर में रहने वाले राजा रघुवंशी के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। मंगलवार को, परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इस हत्या की जांच सीबीआई से कराने की मांग की।
सोनम की जमानत मंजूर होने की खबर सुनते ही राजा के परिवार को बड़ा झटका लगा। राजा की मां, उमा, ने मीडिया से कहा कि सोनम उनके बेटे के हत्या के मामले की मुख्य साजिशकर्ता है और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उसे जमानत कैसे मिली। उन्होंने कहा कि मेघालय पुलिस ने पिछले नौ महीनों में मामले की अच्छी तरह से जांच की, लेकिन यह समझ से परे है कि अचानक स्थिति कैसे बदल गई। उमा ने कहा, "हम सरकार से बस यही मांग करते हैं कि मेरे निर्दोष बेटे को न्याय मिले। मुझे इस मामले में सीबीआई जांच चाहिए।"
परिवार की कानूनी लड़ाई
राजा के बड़े भाई विपिन ने कहा कि उनका परिवार सोनम को जमानत देने के निचली अदालत के फैसले को मेघालय उच्च न्यायालय में चुनौती देगा। उन्होंने बताया कि सोनम के वकील ने जमानत के पक्ष में अदालत में यह तर्क दिया कि मेघालय पुलिस ने गिरफ्तारी के समय उसे उचित सूचना नहीं दी, जिससे कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन हुआ।
विपिन ने जांच में संभावित हेर-फेर का संदेह जताते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष ने उन्हें न तो आरोप-पत्र की प्रति दी है और न ही उसे ठीक से देखने का मौका मिला है। अधिकारियों के अनुसार, सोनम को राजा रघुवंशी की हत्या में शामिल होने के आरोप में 9 जून 2025 को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया था और वह 10 महीने से अधिक समय तक शिलांग के जिला कारागार में न्यायिक हिरासत में रही।
राजा रघुवंशी का परिवार और उनकी शादी
राजा रघुवंशी का परिवार ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़ा है। उनकी सोनम से शादी 11 मई को इंदौर में हुई थी और वे 20 मई को हनीमून के लिए मेघालय गए थे। हनीमून के दौरान, 23 मई को राजा लापता हो गए और उनका शव 2 जून को पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा क्षेत्र में एक झरने के पास गहरी खाई में मिला। राजा रघुवंशी हत्या मामले में उनकी पत्नी सोनम के साथ-साथ उसके कथित प्रेमी राज कुशवाह और कुशवाह के तीन दोस्तों को भी गिरफ्तार किया गया था।
