मुर्शिदाबाद में बीएलओ की आत्महत्या: परिवार ने लगाया काम के दबाव का आरोप
बीएलओ की संदिग्ध मौत का मामला
मुर्शिदाबाद जिले के एक प्राथमिक विद्यालय में बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) का शव फंदे से लटका हुआ पाया गया। उनके परिवार का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्यों के चलते उन पर अत्यधिक दबाव था, जिसके कारण उन्होंने आत्महत्या की। चार नवंबर से एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद से अब तक आठ बीएलओ की मौत हो चुकी है.
मृतक की पहचान और घटना का विवरण
मृतक की पहचान हमीमुल इस्लाम (47) के रूप में हुई है, जो पैकमरी चार कृष्णपुर बॉयज प्राइमरी स्कूल में शिक्षक और खारिबोना ग्राम पंचायत के अंतर्गत पुरबा अलापुर गांव में एक बूथ पर बीएलओ थे। रानीतला थाने के एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना शनिवार रात को रानीतला थाना क्षेत्र में हुई।
परिवार का आरोप और पुलिस की कार्रवाई
परिवार के सदस्यों ने बताया कि हमीमुल शनिवार सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन दोपहर तक वापस नहीं आए। काफी खोजबीन के बाद, उनका शव विद्यालय परिसर के एक कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।
काम के बोझ का तनाव
पुलिस अधिकारी ने बताया कि परिवार ने आरोप लगाया है कि हमीमुल अपनी दोहरी जिम्मेदारियों के कारण गंभीर तनाव में थे। उनके बड़े भाई फरमान-उल-कलाम ने कहा कि हाल के हफ्तों में एसआईआर से संबंधित कार्यों का दबाव बढ़ गया था।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
भगबंगोला के तृणमूल कांग्रेस विधायक रियाज हुसैन सरकार ने परिवार से मुलाकात की और आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग एसआईआर प्रक्रिया में जल्दबाजी कर रहा है, जिससे बीएलओ पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर इस मामले पर चिंता व्यक्त की है।
