मुरादाबाद में रिटायर्ड DSP की आत्महत्या: मानसिक तनाव की वजह से उठाया कदम

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक 89 वर्षीय रिटायर्ड DSP, लखपत सिंह ने मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या कर ली। उनकी पत्नी का निधन पिछले वर्ष हुआ था, जिसके बाद से वे गहरे अवसाद में थे। परिवार के सदस्यों ने बताया कि लखपत सिंह पिछले कुछ महीनों से अकेलेपन का सामना कर रहे थे। इस घटना ने गांव में शोक का माहौल बना दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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मुरादाबाद में रिटायर्ड DSP का आत्मघाती कदम

मुरादाबाद में रिटायर्ड DSP की आत्महत्या: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक पूर्व डीएसपी ने आत्महत्या कर ली है। छजलैट थाना क्षेत्र के रमपुरा गांव में रहने वाले 89 वर्षीय लखपत सिंह ने अपनी लाइसेंसी राइफल से खुद को गोली मारकर जान दी। इस घटना ने गांव में शोक का माहौल बना दिया है, वहीं पुलिस विभाग में भी उनके पुराने सहयोगियों के बीच गहरा दुख देखा जा रहा है।

मुरादाबाद में रिटायर्ड DSP की आत्महत्या: मानसिक तनाव की वजह से उठाया कदम
मुरादाबाद में रिटायर्ड DSP ने किया सुसाइड, लाइसेंसी राइफल से मारी गोली; किस वजह से दर्द में थे लखपत सिंह?

मंगलवार की सुबह जब लखपत सिंह अपने कमरे से बाहर नहीं आए, तो परिवार के सदस्यों को चिंता हुई। उन्होंने पहले मंजिल पर बने उनके कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। जब खिड़की से झांककर देखा गया, तो दृश्य भयावह था। लखपत सिंह का खून से लथपथ शव बेड पर पड़ा था और पास में उनकी लाइसेंसी राइफल रखी थी। घटना की सूचना मिलते ही छजलैट थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और जांच शुरू कर दी।

लखपत सिंह के तनाव का कारण

प्रारंभिक जांच और परिवार के बयान के अनुसार, लखपत सिंह पिछले कुछ समय से गहरे मानसिक तनाव में थे। उनकी पत्नी का निधन 27 दिसंबर 2025 को हुआ था, जिसके बाद से वे पूरी तरह टूट चुके थे और अकेलेपन का सामना कर रहे थे। परिवार के सदस्यों का कहना है कि पहले मिलनसार रहने वाले लखपत सिंह पिछले कुछ महीनों से गुमसुम रहने लगे थे। उन्होंने लोगों से बातचीत कम कर दी थी और अधिकतर समय अपने कमरे में अकेले बिताते थे।

सोमवार रात भी वे अपने कमरे में सोने चले गए थे। देर रात उन्होंने अपनी लाइसेंसी राइफल ठुड्डी के नीचे रखकर ट्रिगर दबा दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सुबह जब वे नीचे नहीं आए, तो उनके बड़े बेटे सतवीर ने सीढ़ी लगाकर ऊपर जाकर देखा, जहां पिता का शव पड़ा मिला।

पुलिस ने राइफल जब्त की

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि गोली बेहद नजदीक से चलाई गई थी, जिससे सिर और चेहरे का हिस्सा गंभीर रूप से जख्मी हो गया। अत्यधिक खून बहने और गंभीर चोट के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने घटनास्थल से राइफल जब्त कर ली है। हालांकि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, लेकिन परिजनों के बयान और परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस डिप्रेशन और अकेलेपन को आत्महत्या की मुख्य वजह मान रही है।

लखपत सिंह 1995 में यूपी पुलिस से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके परिवार में दो बेटे और तीन बेटियां हैं। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।