मुरादाबाद में धोखाधड़ी का मामला: महिला से लाखों की ठगी

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक महिला से धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें जालसाजों ने उसे MDA के प्लॉट्स बेहद सस्ते दामों पर दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये ठग लिए। महिला ने जब सच्चाई का पता लगाया, तो उसे ठगी का एहसास हुआ। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और कैसे बचें धोखाधड़ी से।
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मुरादाबाद में धोखाधड़ी का मामला

मुरादाबाद धोखाधड़ी समाचार: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एक ऐसा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसे जानकर आप चौंक जाएंगे। दरअसल, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) के छह आवासीय प्लॉट्स को बेहद कम कीमत पर दिलाने का झांसा देकर एक महिला से लाखों रुपये ठग लिए गए हैं। जालसाजों ने पीड़िता से कुल 34.19 लाख रुपये की बड़ी रकम हड़प ली। ठगी का शिकार होने वाली महिला का नाम यासमीन जहरा है, जो मझोला थाना क्षेत्र के आजाद नगर की निवासी हैं। उनके पति जीशान हैदर दुबई में नौकरी करते हैं।


मुरादाबाद में धोखाधड़ी का मामला: महिला से लाखों की ठगी
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महिला को धोखा देने के लिए मुख्य आरोपी ने खुद को MDA के एक उच्च अधिकारी का करीबी बताया। आरोपियों ने महिला का विश्वास जीतने के लिए फर्जी आवंटन पत्र और कब्जा पत्र भी तैयार किए, जिससे महिला को किसी प्रकार का संदेह न हो। लेकिन जब महिला ने खुद निर्माण कार्य होते देखा और सरकारी दफ्तर जाकर दस्तावेजों की सच्चाई जानी, तो उसे ठगी का अहसास हुआ। सरकारी रिकॉर्ड में सभी कागजात पूरी तरह से फर्जी पाए गए।


ठगी का एहसास होते ही महिला ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। मझोला थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।


महिला की शिकायत पर कार्रवाई शुरू


महिला ने पुलिस को बताया कि लगभग पांच साल पहले उसके पड़ोसी फरमान रजा उर्फ बाबू ने उसकी मुलाकात संभल जिले के हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के रहने वाले मारूफ नामक व्यक्ति से कराई थी। फरमान ने दावा किया था कि मारूफ MDA के एक प्रभावशाली अधिकारी की गाड़ी चलाता है, जिससे उसकी विभाग में अच्छी पैठ है और वह आजाद नगर में MDA के छह प्लॉट बेहद कम कीमत पर दिलवा सकता है।


महिला ने झांसे में आकर शुरू में मारूफ को 12 लाख रुपये नकद दिए। इसके बाद, फरमान ने पिछले दो वर्षों में महिला से कुल 34 लाख रुपये और वसूल किए। जब रकम पूरी हो गई, तो आरोपियों ने महिला को फर्जी कागजात सौंप दिए। जुलाई 2024 में जब महिला ने एक प्लॉट पर निर्माण कार्य होते देखा, तो आरोपियों ने उसे बताया कि MDA खुद इसे बनाकर उसे देने वाला है। बाद में जब महिला ने MDA कार्यालय में जांच की, तो जालसाजी का खुलासा हुआ। आरोप है कि विरोध करने पर फरमान के बड़े भाई इमरान ने फोन पर महिला को धमकी भी दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है और आरोपियों की तलाश जारी है।


प्लॉट खरीदने से पहले सावधानी बरतें


मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) से प्लॉट खरीदने के लिए आप इसकी आधिकारिक वेबसाइट या दिल्ली रोड स्थित कार्यालय के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। प्राधिकरण समय-समय पर अटलपुरम या गोविंदपुरम जैसी आवासीय योजनाएं निकालता है, जिनकी विस्तृत जानकारी ब्रोशर के जरिए मिलती है, जिसका शुल्क लगभग 1,500 रुपये होता है।


आवेदन के लिए इच्छुक खरीदारों को जनहित यूपीडीए पोर्टल (Janhit UPDA Portal) पर ऑनलाइन या नामित बैंकों के माध्यम से ऑफलाइन पंजीकरण कराना होता है। इसके साथ ही प्लॉट की कुल कीमत का 5% से 10% तक अग्रिम पंजीकरण राशि (EMD) के रूप में जमा करना अनिवार्य है। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, MDA द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ ड्रॉ या ई-नीलामी (E-Auction) का आयोजन किया जाता है। यदि आपका नाम आवंटन सूची में आ जाता है, तो बाकी बची हुई धनराशि को तय समय के भीतर किश्तों में या एकमुश्त जमा करके आप प्लॉट के मालिक बन सकते हैं।


इस सुरक्षित तरीके से पाएं MDA का प्लॉट


मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से बचने के लिए जनता को आधिकारिक और पारदर्शी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। MDA से प्लॉट या मकान खरीदने के लिए किसी तीसरे व्यक्ति या बिचौलिए के झांसे में आने की आवश्यकता नहीं है। प्राधिकरण समय-समय पर अटलपुरम या गोविंदपुरम जैसी आवासीय योजनाएं निकालता है, जिसकी पूरी जानकारी दिल्ली रोड स्थित कार्यालय या आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।



इच्छुक खरीदार 1500 रुपये का ब्रोशर लेकर ‘जनहित यूपीडीए पोर्टल’ (Janhit UPDA Portal) पर ऑनलाइन या नामित बैंकों के जरिए ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए प्लॉट की कीमत का 5% से 10% तक अग्रिम पंजीकरण शुल्क (EMD) जमा करना होता है। इसके बाद MDA पूरी पारदर्शिता से ड्रॉ या ई-नीलामी आयोजित करता है। आवंटन सूची में नाम आने पर बाकी रकम तय समय में जमा कर सीधे मालिकाना हक पाया जा सकता है।