मुजफ्फरनगर में समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच सोशल मीडिया विवाद ने बढ़ाई मारपीट

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में समाजवादी पार्टी के दो नेताओं के बीच सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों को लेकर विवाद बढ़ गया। मीनाक्षी चौक पर हुई इस झड़प का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। इस घटना में एक नेता को हिरासत में लिया गया है, जबकि पार्टी के जिलाध्यक्ष ने अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
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सोशल मीडिया पर विवाद का बढ़ता असर


उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में समाजवादी पार्टी से जुड़े दो नेताओं के बीच सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों को लेकर विवाद गहरा गया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष मीनाक्षी चौक पर आमने-सामने आ गए और वहां झड़प शुरू हो गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।


मीनाक्षी चौक पर हुई झड़प

यह घटना खालापार थाना क्षेत्र के मीनाक्षी चौक में हुई। रिपोर्टों के अनुसार, सपा छात्र सभा के महानगर अध्यक्ष नदीम मलिक और सपा कार्यकर्ता इसरार अल्वी के बीच सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। इसके बाद दोनों के बीच सड़क पर झड़प हो गई।


घटना के समय वहां मौजूद एक व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो पुलिस को मामले की जानकारी मिली और उन्होंने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।


पुलिस ने मामला दर्ज किया

पुलिस ने बताया कि घटना के संबंध में मिली तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इसरार अल्वी को हिरासत में लिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। एएसपी सिद्धार्थ मिश्रा ने कहा कि मारपीट का वीडियो पुलिस को सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त हुआ था।


पुलिस अब घटना के वीडियो और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर जांच कर रही है। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि विवाद की शुरुआत किस टिप्पणी से हुई और मारपीट की घटना किन परिस्थितियों में हुई।


सपा जिलाध्यक्ष की प्रतिक्रिया

घटना के बाद समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने इस मामले पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने सार्वजनिक स्थान पर पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच हुई मारपीट को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और अनुशासन बनाए रखने की अपील की।


पार्टी की ओर से दोनों नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने की बात कही गई है। जिलाध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर अमर्यादित टिप्पणियों से बचने की भी अपील की।


फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और वायरल वीडियो तथा दर्ज शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।