मुजफ्फरनगर में नवजात की मौत पर अस्पताल में हंगामा, स्वास्थ्य विभाग ने किया सील

मुजफ्फरनगर में एक निजी अस्पताल में 8 दिन के नवजात की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। परिवार ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया, जिसके बाद अस्पताल को सील कर दिया गया। डिप्टी सीएमओ ने जांच के दौरान कई अनियमितताएं पाई। जानें पूरी घटना के बारे में।
 | 
मुजफ्फरनगर में नवजात की मौत पर अस्पताल में हंगामा, स्वास्थ्य विभाग ने किया सील

नवजात की मौत से भड़का परिवार

मुजफ्फरनगर में नवजात की मौत पर अस्पताल में हंगामा, स्वास्थ्य विभाग ने किया सील

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक निजी अस्पताल में 8 दिन के नवजात की मृत्यु के बाद शनिवार को परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिवार ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। जैसे ही स्थिति बिगड़ी, अस्पताल का स्टाफ और डॉक्टर मौके से भाग गए। पुलिस ने पहुंचकर किसी तरह परिजनों को शांत किया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल को सील कर दिया।

यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रुड़की रोड पर स्थित एक निजी अस्पताल में हुई। जानकारी के अनुसार, 20 मार्च को एक महिला ने सामान्य प्रसव के माध्यम से बच्चे को जन्म दिया। परिजनों का कहना है कि जन्म के बाद डॉक्टरों ने नवजात को मशीन में रखने की सलाह दी और उसे लगातार अस्पताल में भर्ती रखा।

परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए
मृतक के पिता मारूफ ने बताया कि उनका बच्चा पूरी तरह स्वस्थ था। उन्होंने कहा कि तीसरे दिन छुट्टी देने के बजाय अस्पताल ने और रुकने को कहा। इसी बीच, देर रात अस्पताल से फोन आया कि बच्चे की हालत अचानक बिगड़ गई है और उसे मेरठ रेफर करना पड़ेगा। परिजन बच्चे को लेकर मेरठ पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बच्चे की मौत की सूचना मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और वापस अस्पताल पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत इलाज और लापरवाही के कारण उनके बच्चे की जान गई है। हंगामे के दौरान अस्पताल का स्टाफ मौके से गायब हो गया।

स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर दिया
मामले की जानकारी मिलने पर डिप्टी सीएमओ डॉ. अजय कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। अस्पताल में कोई जिम्मेदार अधिकारी या डॉक्टर मौजूद नहीं मिला और न ही मरीज से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। स्वास्थ्य विभाग ने प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए अस्पताल को सील कर दिया है। साथ ही वहां भर्ती मरीजों को जिला अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच कर रहे हैं.