मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रवृत्ति में कमी पर प्रधानमंत्री को लिखा पत्र
मुख्यमंत्री का पत्र और छात्रवृत्ति की स्थिति
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक पत्र भेजकर यह आरोप लगाया कि पिछले दो वित्तीय वर्षों में केंद्रीय छात्रवृत्ति सहायता में 700 करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई है, जिससे लाखों छात्र गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की अपील की।
सोरेन ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि वे अल्पसंख्यक छात्रों के लिए वित्तीय सहायता को पुनः प्रारंभ करें और मैट्रिक से पहले तथा मैट्रिक के बाद छात्रवृत्ति के लिए केंद्रीय आवंटन को बढ़ाएं। पत्र में उन्होंने उल्लेख किया कि झारखंड ने 2025-26 में मैट्रिक के बाद छात्रवृत्ति के लिए 370.87 करोड़ रुपये की मांग की थी, लेकिन केंद्र ने केवल 58.22 करोड़ रुपये जारी किए।
इसी प्रकार, 2024-25 में राज्य की 353.21 करोड़ रुपये की मांग के मुकाबले केवल 33.57 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। सोरेन ने चेतावनी दी कि इस धन की कमी के कारण लाखों छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति में ‘देरी’ हो रही है, जिससे उनकी शिक्षा पर संकट उत्पन्न हो रहा है।
राज्य की आर्थिक समस्याओं का उल्लेख करते हुए सोरेन ने कहा कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की पिछड़ी जाति के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत, झारखंड ने 2024-25 में मैट्रिक से पहले छात्रवृत्ति के लिए 66.14 करोड़ रुपये की मांग की थी, लेकिन केंद्र से केवल 12.61 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 2025-26 के लिए राज्य ने 45.91 करोड़ रुपये की मांग की थी, जबकि केवल 3.95 करोड़ रुपये ही जारी किए गए।
