मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ईंधन संरक्षण के लिए काफिले में कटौती का आदेश दिया
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन और ऊर्जा संरक्षण की अपील के तहत अपने काफिले का आकार कम करने का आदेश दिया है। उन्होंने बताया कि राज्यपाल द्वारा भी काफिले में कटौती की गई है। इसके अलावा, मंत्रियों और विधायकों के वेतन में अस्थायी कटौती की गई है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में सार्वजनिक संसाधनों का दुरुपयोग हुआ है। जानें इस निर्णय के पीछे की पूरी कहानी और राज्य सरकार के अन्य प्रयासों के बारे में।
| May 14, 2026, 16:42 IST
मुख्यमंत्री का काफिले में कटौती का निर्णय
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन और ऊर्जा संरक्षण की अपील के संदर्भ में अपने काफिले के आकार को कम करने का निर्देश दिया। यह कदम पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के चलते उठाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल द्वारा काफिले में वाहनों की संख्या घटाने का निर्णय सराहनीय है, जबकि राज्य सरकार पहले से ही विभिन्न संसाधनों में कटौती के लिए प्रयासरत है।
नगर निगम चुनाव प्रचार में मुख्यमंत्री का बयान
मंडी में नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान, मुख्यमंत्री सुक्खू ने व्यापार मंडल के सदस्यों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया कि वे खुद एक इलेक्ट्रिक कार का उपयोग करते हैं, जो कॉम्पैक्ट और पेट्रोल की तुलना में अधिक किफायती है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके और उनके मंत्रियों के काफिले में पहले ही कटौती की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, मंत्रियों के वेतन में 30% और विधायकों के वेतन में 20% की अस्थायी कटौती की गई है। इन प्रयासों के माध्यम से राज्य आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
विपक्ष पर मुख्यमंत्री का हमला
मुख्यमंत्री ने मीडिया से कहा कि यह सकारात्मक है कि राज्यपाल ने भी अपने काफिले में कटौती की है। उन्होंने विपक्षी भाजपा पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में सार्वजनिक संसाधनों का अंधाधुंध खर्च किया गया। उन्होंने कहा कि हजारों करोड़ रुपये की इमारतें बनाई गईं, लेकिन आज उनका कोई उपयोग नहीं हो रहा है। भाजपा सत्ता में वापसी का सपना देख रही है, लेकिन उन्हें जनता की कसौटी पर खरा उतरना होगा।
प्रधानमंत्री द्वारा राहत पैकेज की घोषणा
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के लिए 1,500 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की थी, जो अभी तक राज्य को प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा का कोई नेता इस मुद्दे पर बात नहीं कर रहा, जबकि उनकी सरकार राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए खुलकर बोलती है। राज्य सरकार आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रही है और इसके सकारात्मक परिणाम जल्द ही सामने आएंगे।
