मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा की सुरक्षा पर जोर दिया
कांवड़ यात्रा का महत्व और सुरक्षा उपाय
लखनऊ, 6 अगस्त: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि कांवड़ यात्रा एक धार्मिक उत्सव है जो आस्था, अनुशासन और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई अराजक तत्व इस यात्रा के शांतिपूर्ण संचालन में बाधा डालने का प्रयास करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे भ्रामक और गलत सूचनाओं का तुरंत खंडन करें, ताकि माहौल खराब न हो। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों में किसी भी प्रकार की अराजकता या गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था, कांवड़ यात्रा, बाढ़ की स्थिति, आगामी त्योहारों की तैयारियों, खाद की उपलब्धता और स्कूली वाहनों की सुरक्षा पर चर्चा की।
आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान में जब समाज में जातीय विद्वेष फैलाने की कोशिशें हो रही हैं, तब लाखों श्रद्धालुओं की भागीदारी वाली कांवड़ यात्रा सामाजिक समरसता का एक प्रेरणादायक उदाहरण है। समीक्षा के दौरान एडीजी, मेरठ ने बताया कि सीमावर्ती राज्यों से पूरा सहयोग मिल रहा है। गाजियाबाद के पुलिस आयुक्त ने जानकारी दी कि अब तक लगभग 70 हजार कांवड़ यात्री जनपद से गुजर चुके हैं।
आने वाले एक-दो दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि की संभावना है। मुख्यमंत्री ने बरेली में कांवड़ यात्रा और आला हजरत उर्स के मद्देनजर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने मुस्लिम समुदाय द्वारा उर्स के अवसर पर शाकाहारी भोजन वितरण की व्यवस्था की सराहना की और शिवभक्तों की आस्था का सम्मान करते हुए उर्स के आयोजन को सीमित दायरे में रखने की बात कही।
उन्होंने इसे सामाजिक सद्भाव, पारस्परिक सम्मान और संवेदनशीलता का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। बलिया, बाराबंकी और उन्नाव सहित बाढ़ प्रभावित आठ जनपदों के जिलाधिकारियों से राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य पूरी तत्परता से जारी रहें और सहायता में कोई कमी न हो।
