मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पर्यावरण संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व पर्यावरण दिवस पर नागरिकों से अपील की है कि वे जल और वन के संरक्षण के प्रति सजग रहें। उन्होंने पांच संकल्पों की घोषणा की, जिसमें एक पेड़ मां के नाम पर लगाने और जल संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाने की बात शामिल है। सीएम ने संगोष्ठी में पर्यावरण की चुनौतियों पर चर्चा की और जल संकट, ग्लोबल वार्मिंग जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया। जानें उनके द्वारा उठाए गए कदम और योजनाएं जो पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देंगी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पर्यावरण संरक्षण पर जोर gyanhigyan

प्रकृति और जलस्रोतों की सुरक्षा का आह्वान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकों से अपील की है कि वे भूमाफिया, वन माफिया, खनन माफिया और स्मगलरों के खिलाफ सजग रहें। उन्होंने कहा कि यह नागरिकों का कर्तव्य है कि वे अपनी मातृभूमि के प्रति अपने दायित्वों का पालन करें। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, सीएम ने प्रदेशवासियों को पांच संकल्प दिलाए, जिनमें एक पेड़ मां के नाम पर लगाना, पेड़ों की सुरक्षा, जल संरक्षण, सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग न करना और प्रकृति के अनुरूप जीवन जीने का संकल्प शामिल है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए।


पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम

सीएम योगी ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उत्तर प्रदेश में पर्यावरण की चुनौतियों पर संगोष्ठी का उद्घाटन किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों को चॉकलेट वितरित की। इसके साथ ही, उन्होंने आम जनता को कपड़े के झोले देकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।


जल और वन का महत्व

अपने संबोधन में, सीएम ने कहा कि जल है तो कल है और वन है तो जीवन है। उन्होंने बताया कि पर्यावरण के साथ खिलवाड़ का परिणाम सभी को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मौसम चक्र में बदलाव से किसान प्रभावित हो रहे हैं, जिससे खाद्यान्न संकट उत्पन्न हो सकता है।


मातृभूमि के प्रति कर्तव्यों का निर्वहन

सीएम ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी थी। उन्होंने भगवान राम का उदाहरण देते हुए कहा कि हमें अपनी मातृभूमि के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करनी चाहिए।


प्राकृतिक जलवायु का संरक्षण

सीएम ने कुकरैल वन क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां का तापमान लखनऊ से कम होता है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक वातावरण में रहने से स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।


जल संकट और ग्लोबल वार्मिंग

सीएम ने जल संकट, ग्लोबल वार्मिंग और वायु प्रदूषण को पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौतियां बताया। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए हमें ठोस कदम उठाने होंगे।


जल संसाधनों का संरक्षण

सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश जल संसाधनों के मामले में समृद्ध है। उन्होंने अवैध कब्जों को हटाने और जल स्रोतों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।


तालाबों और पोखरों का संरक्षण

सीएम ने ग्राम प्रधानों और नगर निकायों के चेयरमैन से तालाबों, पोखरों और कुओं के संरक्षण की अपील की। उन्होंने कहा कि ये जल संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण हैं।


फॉरेस्ट कवर में वृद्धि

सीएम ने बताया कि यूपी में फॉरेस्ट कवर बढ़ाने में सफलता मिली है। पिछले 9 वर्षों में 242 करोड़ पौधे लगाए गए हैं।