मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शिक्षा प्रणाली की महत्ता पर जोर दिया
शिक्षा और ज्ञान का महत्व
भोपाल, 5 अगस्त: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को कहा कि भारत को उसकी शिक्षा प्रणाली और ज्ञान के कारण वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है। कमला नेहरू सांदीपनि कन्या विद्यालय में विभिन्न कक्षाओं, पुस्तकालय, संगीत कक्ष, प्रयोगशाला और अन्य सुविधाओं का निरीक्षण करने के बाद, उन्होंने छात्रों से बातचीत करते हुए यह बात कही। यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल धन ही देश की प्रगति का आधार नहीं है, बल्कि मूल्यों की शक्ति इसे आगे बढ़ाती है। उन्होंने कहा, 'भारत को अपनी शिक्षा प्रणाली और ज्ञान के बल पर विश्व में सम्मान मिलता है।'
उन्होंने आगे कहा, 'भारत का अर्थ है एक ऐसा राष्ट्र जो सभी को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाए।' उन्होंने यह भी बताया कि गुरु (शिक्षक) हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने में मदद करते हैं। भारतीय संस्कृति हमें 'जियो और जीने दो' और 'वसुधैव कुटुम्बकम' का पाठ पढ़ाती है। भारतीय गुरुकुल परंपरा और शिक्षा प्रणाली का एक समृद्ध इतिहास रहा है।'
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दुनिया में कई देश आर्थिक रूप से अधिक शक्तिशाली हैं, 'लेकिन केवल धन ही देश को नहीं चलाता। यह अपने मूल्यों की शक्ति से आगे बढ़ता है।'
यादव ने याद किया कि उन्होंने भी एक सरकारी स्कूल में शिक्षा प्राप्त की थी और उन दिनों स्कूलों में सुविधाओं की कमी थी। उन्होंने कहा कि भारत इस समय 'अमृत काल' से गुजर रहा है।
उन्होंने कहा, 'आज का युवा अमृत पीढ़ी है, जो देश के नए निर्माता हैं। युवा मिलकर 2047 तक विकसित भारत के सपने को पूरा करेंगे।' मध्यप्रदेश सरकार द्वारा संचालित सांदीपनि स्कूलों को देश के सर्वश्रेष्ठ स्कूलों में से एक बताते हुए यादव ने कहा कि निजी स्कूलों के छात्र भी इन स्कूलों में पढ़ाई के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने कहा कि ये स्कूल छात्रों के भविष्य को आकार देने के लिए प्रयोगशालाएं हैं।
यादव ने बताया कि पहले चरण में मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के 274 सांदीपनि विद्यालय और जनजातीय कार्य विभाग के 94 सांदीपनि विद्यालय संचालित हो रहे हैं।
