मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कमी के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और युद्ध के हालात में यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है, जो ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने में मदद करेगा।
सीएम यादव ने बताया कि इस निर्णय से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का प्रभाव भारतीय उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा, और घरेलू खपत के लिए इन उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा, “जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, ऐसे में भारत के नागरिकों को राहत देना एक सराहनीय कदम है। इससे न केवल आम जनता पर आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि तेल कंपनियों के संचालन में भी आसानी आएगी।”
केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10-10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। हालांकि, इससे ईंधन के खुदरा दाम में तत्काल कोई बदलाव नहीं होगा, क्योंकि कंपनियां इसे बढ़ी हुई कच्ची कीमतों को पूरा करने के लिए उपयोग करेंगी।
बुधवार रात जारी अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये कर दिया गया है, जबकि डीजल पर इसे 10 रुपये से घटाकर शून्य कर दिया गया है। इस कटौती से पिछले एक महीने में अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में लगभग 50% की वृद्धि का प्रभाव आम जनता पर नहीं पड़ेगा।
घरेलू खपत और निर्यात पर प्रभाव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस निर्णय से घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता बनी रहेगी। इसके साथ ही, निर्यात पर भी नियंत्रण रखा गया है। डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपये प्रति लीटर और हवाई ईंधन (एटीएफ) पर 29.5 रुपये प्रति लीटर शुल्क लगाया गया है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण और जनहितकारी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।
