मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने खनन चिंतन शिविर का उद्घाटन किया

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में तीन दिवसीय खनन चिंतन शिविर का उद्घाटन किया। इस शिविर का उद्देश्य खनन क्षेत्र के माध्यम से राष्ट्रीय विकास को गति देना है। मुख्यमंत्री ने खनन उद्योग के महत्व और प्रधानमंत्री द्वारा किए गए सुधारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने गुजरात के खनिजों के रणनीतिक महत्व को भी रेखांकित किया।
 | 
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने खनन चिंतन शिविर का उद्घाटन किया

खनन क्षेत्र का महत्व

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी और बिहार के उपमुख्यमंत्री सी आर पाटिल की उपस्थिति में तीन दिवसीय चिंतन शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि खनन उद्योग भारत की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार है। इस शिविर का उद्देश्य सामूहिक रणनीतिक विचार-विमर्श के माध्यम से राष्ट्रीय विकास को प्रोत्साहित करना है।


चिंतन शिविर का उद्देश्य

महात्मा मंदिर में खान मंत्रालय द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय खनिज चिंतन शिविर का उद्घाटन करते हुए भूपेंद्र पटेल ने कहा कि यह मंच नए भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। यह शिविर तीन दिनों तक चलेगा, जिसमें विभिन्न राज्यों के खान मंत्रियों, अधिकारियों और हितधारकों की भागीदारी होगी।


प्रधानमंत्री के सुधारों का प्रभाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक सुधार किए हैं, और खनन क्षेत्र इन सुधारों का एक प्रमुख उदाहरण है। यह सुधार स्पष्ट नीतियों, मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और पारदर्शी शासन के कारण संभव हुए हैं। भूपेंद्र पटेल ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखते हुए सतत विकास को प्राथमिकता देता है।


गुजरात का खनिज महत्व

मुख्यमंत्री ने लिग्नाइट, चूना पत्थर और बॉक्साइट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के लिए गुजरात के रणनीतिक महत्व को उजागर किया। उन्होंने कहा कि राज्य ने न केवल उत्पादन और नीलामी में बल्कि पारदर्शिता, अनुशासन और नियामक अनुपालन में भी एक मिसाल कायम की है।