मुख्यमंत्री ने गुरु पूर्णिमा पर संत-महात्माओं का सम्मान किया

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर, राज्य सरकार ने 'गुरु वंदन कार्यक्रम' का आयोजन किया, जिसमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संत-महात्माओं का सम्मान किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य गुरु-शिष्य परंपरा का सम्मान करना और समाज में आध्यात्मिक एवं नैतिक मूल्यों का संरक्षण करना है। विभिन्न धार्मिक स्थलों पर आयोजित इस समारोह में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भाग लिया। संत-महात्माओं ने इस पहल की सराहना की, जिससे भारतीय संस्कृति को नई दिशा मिलती है।
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गुरु वंदन कार्यक्रम का आयोजन


गुरु पूर्णिमा के अवसर पर, राज्य सरकार के निर्देशानुसार, देवस्थान विभाग ने जिले में 'गुरु वंदन कार्यक्रम' का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के तहत विभिन्न आश्रमों, मठों और मंदिरों में संत-महात्माओं और गुरुजनों का सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर 'गुरु वंदन संदेश' भेंट कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, सामाजिक सद्भाव और जनकल्याण के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया।


जिला कलक्टर काना राम ने बताया कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। संत-महात्मा समाज को आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और सेवा का मार्ग दिखाते हैं। राज्य सरकार का 'गुरु वंदन कार्यक्रम' गुरु-शिष्य परंपरा का सम्मान और सनातन संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


धार्मिक स्थलों पर सम्मान समारोह

मुख्यमंत्री ने गुरु पूर्णिमा पर संत-महात्माओं का सम्मान किया


इस कार्यक्रम के अंतर्गत, श्री नरसिंह जी कुटिया, रामेश्वरम धाम मंदिर, श्री नित्यानंद जी महाराज आश्रम, संत मनोहर दास प्यारेलाल की बगीची (गंगापुर सिटी) और पंचमुखी हनुमान मंदिर, घुश्मेश्वर (गंगापुर सिटी) जैसे विभिन्न धार्मिक स्थलों पर संत-महात्माओं को शॉल, दुपट्टा, श्रीफल और सम्मान सामग्री भेंट की गई। इस आयोजन में जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और देवस्थान विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।


संत-महात्माओं की सराहना

मुख्यमंत्री ने गुरु पूर्णिमा पर संत-महात्माओं का सम्मान किया


इस अवसर पर संत-महात्माओं ने राज्य सरकार की इस पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति की गौरवशाली गुरु-शिष्य परंपरा को मजबूत करने के साथ-साथ समाज में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों के संरक्षण को नई दिशा प्रदान करते हैं।