मुख्यमंत्री के दौरे और मुड़िया पूर्णिमा मेले की तैयारियों की समीक्षा

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के प्रस्तावित दौरे और मुड़िया पूर्णिमा मेले की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं का निरीक्षण किया। प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किए हैं, जिसमें बैरिकेडिंग, आश्रय स्थल और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं। जानें इस मेले में श्रद्धालुओं के लिए क्या विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
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मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों की समीक्षा


डीग। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के प्रस्तावित दौरे और मुड़िया पूर्णिमा मेले-2026 के संदर्भ में, जिला कलक्टर मयंक मनीष और जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ ने सोमवार को राजस्थान सीमा में स्थित सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।


निरीक्षण के दौरान, जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक ने हेलीपैड, श्रीनाथजी मंदिर, कच्चा परिक्रमा मार्ग, आश्रय स्थल, कंट्रोल रूम और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का अवलोकन किया। जिला कलक्टर ने कहा कि राज्य सरकार और मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार, हर श्रद्धालु को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण प्रदान करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी की जाए और किसी भी कमी को तुरंत दूर किया जाए।


जिला प्रशासन ने परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक प्रबंध किए हैं। वॉच टावर, पुलिस चौकियां, बैरिकेडिंग, टेंट-कनात और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई है। पूंछरी में प्रवेश करने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग और यातायात प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि परिक्रमार्थियों की आवाजाही सुचारु और सुरक्षित बनी रहे।


विश्राम के लिए बनाए गए आश्रय स्थलों पर पेयजल, रोशनी, शौचालय और अन्य सुविधाओं का समुचित प्रबंध किया गया है। महिला श्रद्धालुओं के लिए अप्सरा कुंड और नवल कुंड क्षेत्र में स्नान और विश्राम की विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, आश्रय स्थलों पर निःशुल्क मसाज सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे लंबी परिक्रमा के बाद श्रद्धालुओं को राहत मिल रही है।


निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परिक्रमा मार्ग पर किए गए सौंदर्यीकरण कार्यों का भी अवलोकन किया। सभी विद्युत ट्रांसफार्मरों को मजबूत ग्रिल से सुरक्षित किया गया है और आकर्षक पेंटिंग कर सौंदर्यपरक स्वरूप प्रदान किया गया है। आन्यौर द्वार, जतीपुरा द्वार और प्याऊ द्वार को आकर्षक सजावट और आधुनिक प्रकाश व्यवस्था से सजाया गया है। श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र श्रीनाथजी मंदिर और मुकुट मुखारविंद को भी विशेष रूप से सजाया गया है।


मानसून को ध्यान में रखते हुए जलभराव की संभावित स्थिति से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को व्यवस्थित किया गया है। नालों को सुरक्षित कवर से ढकने के साथ ही पर्याप्त संख्या में पंपसेट और तकनीकी दल तैनात किए गए हैं, ताकि वर्षा की स्थिति में भी परिक्रमा मार्ग पर जलभराव न हो। मेले की व्यवस्थाओं के प्रभावी संचालन के लिए पूंछरी स्थित कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय है।


राजस्व, पुलिस, नगर परिषद, नगरपालिका, सार्वजनिक निर्माण विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी राउंड-द-क्लॉक ड्यूटी पर तैनात रहकर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी कर रहे हैं।


परिक्रमा मार्ग पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन और ब्रज संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं से जोड़ रही हैं। देशभर से आने वाले श्रद्धालु श्रद्धा और भक्ति के साथ श्री गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा कर रहे हैं और प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना कर रहे हैं। इस दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी भरतपुर मृदुल सिंह, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डीग मोहन सिंह, उपखंड अधिकारी डीग अमित मीना, उपखंड अधिकारी कुम्हेर श्रेष्ठा श्री, तहसीलदार अंकित गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे और मुड़िया पूर्णिमा मेला-2026 के सफल आयोजन के लिए प्रत्येक विभाग पूर्ण समन्वय और सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करे।