मुंबई में मूसलधार बारिश का रेड अलर्ट, प्रशासन ने जारी की सलाह

मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश का संकट जारी है, जिसके चलते मौसम विभाग ने 'रेड अलर्ट' जारी किया है। प्रशासन ने कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' करने की सलाह दी है और गैर-जरूरी सरकारी कार्यालयों में आधे दिन का काम करने का निर्देश दिया है। IMD ने तेज़ हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिससे जलभराव और भूस्खलन की संभावना है। BMC ने निवासियों से बाहर न निकलने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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मुंबई में बारिश का कहर

मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश का संकट जारी है। मौसम विभाग ने मूसलधार बारिश के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है, जिसके बाद प्रशासन ने सक्रियता दिखाई है। सोमवार, 6 जुलाई, 2026 को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने मुंबई के निजी कार्यालयों के लिए एक सलाह जारी की, जिसमें कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' (WFH) करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही, गैर-जरूरी सरकारी और सेमी-गवर्नमेंट कार्यालयों में आधे दिन का काम करने का निर्देश दिया गया है.


सरकारी सलाह और निर्देश

सलाह के अनुसार, निजी संस्थानों को कहा गया है कि वे जहां संभव हो, कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दें। सरकारी और सेमी-गवर्नमेंट कार्यालयों के कर्मचारियों को (जरूरी सेवाओं में लगे लोगों को छोड़कर) दोपहर तक आधे दिन की छुट्टी दी गई है। SDMA ने 'X' पर एक पोस्ट में कहा, "मौजूदा मौसम की स्थिति को देखते हुए, SDMA ने सिर्फ़ मुंबई के लिए निर्देश जारी किए हैं: प्राइवेट ऑफिस को सलाह दी जाती है कि वे जहाँ भी संभव हो, 'वर्क फ्रॉम होम' की इजाज़त दें। गैर-ज़रूरी सरकारी ऑफिस आधे दिन काम करेंगे।"


मौसम विभाग का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिलों के लिए 'रेड' अलर्ट जारी किया है। विभाग ने तेज़ हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने सुबह मौसम की स्थिति में बदलाव के बाद चेतावनी को 'ऑरेंज' से बढ़ाकर 'रेड' अलर्ट कर दिया। विभाग ने इस क्षेत्र में 70-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने का अनुमान लगाया है।


संभावित खतरें

IMD ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश से निचले और शहरी क्षेत्रों में जलभराव हो सकता है, अचानक बाढ़ आ सकती है और कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है, जिससे सड़कों और पुलों पर पानी बह सकता है। इसके अलावा, कमजोर पेड़ उखड़ सकते हैं, पुरानी इमारतें गिर सकती हैं, और संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन, कीचड़ खिसकने और चट्टानें गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।


BMC की अपील

बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने निवासियों से अनुरोध किया है कि वे केवल आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें और पेड़ों, जर्जर इमारतों, होर्डिंग्स, बिजली के खंभों और अन्य संवेदनशील ढांचों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। एहतियात के तौर पर, नगर निकाय ने लोगों को सलाह दी है कि वे पेड़ों के नीचे गाड़ियां पार्क न करें और समुद्र तटों व जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।


आपातकालीन उपाय

BMC के अनुसार, नगर निकाय और अन्य सरकारी एजेंसियों के लगभग 15,000 अधिकारी और कर्मचारी पूरे मुंबई में तैनात किए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति पर नज़र रख रहे हैं और आपातकालीन प्रतिक्रिया उपायों का समन्वय कर रहे हैं। नगर निकाय ने नागरिकों से यह भी आग्रह किया है कि वे अफ़वाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन तथा आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों द्वारा जारी आधिकारिक सलाह पर भरोसा करें।