मुंबई में महायुति गठबंधन की जीत की संभावना, रामदास अठावले का बयान

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मुंबई के मेयर चुनावों में महायुति गठबंधन की जीत की संभावना व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि बीएमसी चुनावों में अधिकांश सीटें महायुति गठबंधन को मिल रही हैं। उद्धव ठाकरे का भाजपा और आरपीआई (ए) के साथ गठबंधन ने उन्हें लंबे समय तक सत्ता में बनाए रखा। वर्तमान में, महायुति गठबंधन ने बीएमसी में अपनी स्थिति मजबूत की है, जहां भाजपा और शिवसेना ने कई वार्डों में बढ़त बनाई है। जानें इस चुनाव के ताजा आंकड़े और अठावले के बयान के पीछे की कहानी।
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मुंबई में महायुति गठबंधन की जीत की संभावना, रामदास अठावले का बयान

महायुति गठबंधन की बढ़त

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने शुक्रवार को विश्वास व्यक्त किया कि मुंबई के मेयर महायुति गठबंधन से ही चुने जाएंगे। उन्होंने कहा कि बीएमसी चुनावों में अधिकांश सीटें महायुति गठबंधन को मिल रही हैं। अठावले ने यह भी बताया कि उद्धव ठाकरे का भाजपा और आरपीआई (ए) के साथ गठबंधन ने उन्हें कई वर्षों तक मुंबई में सत्ता में बनाए रखा।


उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि आज महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों की मतगणना चल रही है। उद्धव ठाकरे ने 25-30 वर्षों तक सत्ता में बने रहने के लिए भाजपा के साथ गठबंधन किया। वर्तमान में भाजपा देश की सबसे प्रमुख पार्टी बन चुकी है।


उद्धव ठाकरे का नया गठबंधन

रामदास अठावले ने आगे कहा कि आरपीआई(ए) 2012 से उद्धव ठाकरे के साथ थी, जिससे उन्हें सत्ता में बने रहने में मदद मिली। लेकिन अब न तो भाजपा और न ही आरपीआई(ए) उनके साथ हैं। उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे के साथ नया गठबंधन किया है, जिससे उन्हें कुछ मराठी भाषी क्षेत्रों में लाभ होता दिख रहा है। हालांकि, अधिकांश सीटें महायुति गठबंधन के खाते में जा रही हैं।


उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुंबई का अगला मेयर महायुति गठबंधन से होगा और वह मराठी भाषी होगा।


बीएमसी चुनावों में महायुति की स्थिति

महायुति गठबंधन, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और एकनाथ शिंदे की शिवसेना शामिल हैं, ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, गठबंधन मुंबई के 117 वार्डों में आगे चल रहा है। भाजपा 86 सीटों पर और शिवसेना 31 सीटों पर आगे है।


शिवसेना (यूबीटी) गठबंधन ने 68 सीटों का आंकड़ा पार किया है, जबकि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) केवल 9 सीटों पर है। यूबीटी सेना 58 सीटों पर और एनसीपी (एसपी) केवल 1 सीट पर आगे है। अजीत पवार की एनसीपी भी 1 सीट पर आगे है, जबकि कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है और वह केवल 10 सीटों पर ही आगे है।