मुंबई में बीएमसी चुनावों में मतदान संपन्न, स्याही विवाद ने बढ़ाई हलचल

मुंबई में बीएमसी चुनावों के साथ-साथ महाराष्ट्र के अन्य नगर निगमों के चुनावों के लिए मतदान संपन्न हो गया है। इस दौरान एक विवाद उत्पन्न हुआ है, जिसमें आरोप लगाया गया कि मतदाताओं की उंगलियों पर लगी स्याही को आसानी से मिटाया जा सकता है। चुनाव आयोग ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। मतदान में कई प्रमुख राजनीतिक और फिल्मी हस्तियों ने भाग लिया। जानें इस चुनाव की सभी महत्वपूर्ण घटनाओं और विवादों के बारे में।
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मुंबई में बीएमसी चुनावों में मतदान संपन्न, स्याही विवाद ने बढ़ाई हलचल

मुंबई और महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों का मतदान

मुंबई में बीएमसी चुनावों के साथ-साथ महाराष्ट्र के 28 अन्य नगर निगमों के लिए मतदान संपन्न हो गया है। इस चुनाव में एक विवाद उत्पन्न हुआ है, जिसमें आरोप लगाया गया कि मतदाताओं की उंगलियों पर लगी स्याही को एसीटोन से आसानी से मिटाया जा सकता है। यह दावा सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिसके बाद कई विपक्षी नेताओं ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। चुनाव आयोग ने इस मामले में बयान जारी करते हुए कहा कि कोई भी मतदाता दो बार वोट नहीं डाल सकता और इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं।


 


देश की सबसे अमीर महानगरपालिका के 227 पार्षदों का चुनाव सुबह 7:30 बजे से कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुआ और यह शाम 5:30 बजे समाप्त हुआ। बीएमसी पार्षद बनने के लिए लगभग 1,700 उम्मीदवार मैदान में हैं। अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, अपराह्न 1:30 बजे तक पूर्वी उपनगरीय क्षेत्र के वार्ड नंबर 114 में सबसे अधिक 41.08 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि दक्षिण मुंबई के वार्ड नंबर 227 में सबसे कम 11.24 प्रतिशत मतदान हुआ।


 


महाराष्ट्र के 29 नगर निकायों के चुनाव के लिए मतदान बृहस्पतिवार सुबह शुरू हुआ, और सभी की नजर मुंबई पर थी, जहां भाजपा नीत महायुति और ठाकरे बंधुओं के गठबंधन के बीच दिलचस्प मुकाबला चल रहा है। प्रमुख नेताओं में उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और पूर्व राज्यपाल राम नाइक शामिल हैं। इसके अलावा, कई फिल्मी हस्तियों जैसे अक्षय कुमार, आमिर खान, और सचिन तेंदुलकर ने भी मतदान किया।


 


दोपहर 3:30 बजे तक 41.08% मतदान दर्ज किया गया। बीएमसी चुनावों में सलमान खान, जाह्नवी कपूर और अन्य बॉलीवुड सितारों को भी मतदान करते देखा गया। महाराष्ट्र के मंत्री गणेश नाइक और उनके परिवार ने भी मतदान किया, जबकि पूर्व सांसद सुभाष चंद्र ने उच्च आय वाले मतदाताओं की शिकायतों के बावजूद वोट न डालने की आलोचना की।


 


शिवसेना (यूबीटी) के नेता आनंद दुबे और अनिल परब ने भी मतदान किया और तकनीकी समस्याओं को लेकर चिंता जताई। दुबे ने चुनाव आयोग की वेबसाइट में खामियों और डिजिटल मतपत्रों में अनियमितताओं की ओर इशारा किया। उद्धव ठाकरे ने भी मतदाता नामों के गायब होने और स्याही की अनियमितताओं पर कड़ी आलोचना की, इसे "लोकतंत्र पर हमला" करार दिया।