मुंबई में ठाकरे बंधुओं का ऐतिहासिक गठबंधन: आगामी बीएमसी चुनावों के लिए वचननामा जारी
मुंबई की राजनीति में एक नया मोड़ आया है जब उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने बीएमसी चुनावों के लिए एक संयुक्त वचननामा जारी किया। इस वचननामा में किफायती आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक परिवहन जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। दोनों नेताओं ने भाजपा पर भी तीखा हमला किया है, जिससे आगामी चुनावों में राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की संभावना बढ़ गई है। जानें इस गठबंधन के पीछे की रणनीतियों और योजनाओं के बारे में।
| Jan 4, 2026, 22:38 IST
ठाकरे बंधुओं का ऐतिहासिक गठबंधन
शनिवार को मुंबई की राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला। लगभग 20 वर्षों के बाद, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने आगामी मुंबई महानगरपालिका चुनावों के लिए एक संयुक्त घोषणा-पत्र ‘वचननामा’ पेश किया। दोनों नेताओं ने इसे “जनता के चरणों में समर्पित” बताते हुए मराठी समुदाय और मुंबई के हितों की रक्षा के लिए ‘शिव-शक्ति’ का प्रतीक बताया।
यह वचननामा 15 जनवरी को होने वाले बीएमसी चुनावों को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है, जिन्हें मुंबई की सत्ता का सेमीफाइनल माना जाता है। जानकारी के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी)-एमएनएस गठबंधन ने अपने घोषणा-पत्र में किफायती आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दी है।
गठबंधन ने घरेलू सहायिकाओं और कोली समुदाय की महिलाओं के लिए ‘स्वाभिमान निधि’ योजना का वादा किया है, जिसके तहत उन्हें हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह योजना मुख्यमंत्री लाडकी बहन योजना के समान होगी। इसके अलावा, मीना ताई ठाकरे के नाम पर ‘मां साहेब रसोई’ की शुरुआत की जाएगी, जहां 10 रुपये में नाश्ता और दोपहर का भोजन उपलब्ध होगा।
घोषणा-पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि 700 वर्गफुट तक के घरों को प्रॉपर्टी टैक्स में छूट दी जाएगी और पुनर्विकसित इमारतों में हर फ्लैट के लिए एक पार्किंग स्लॉट सुनिश्चित करने के लिए नियमों में बदलाव किया जाएगा। सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में न्यूनतम बस किराया 10 रुपये से घटाकर 5 रुपये करने, नए बस रूट और अतिरिक्त बसें शुरू करने का प्रस्ताव है।
शिक्षा के क्षेत्र में, बीएमसी द्वारा संचालित ‘मुंबई पब्लिक स्कूल’ में जूनियर केजी से लेकर 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की सुविधा देने का वादा किया गया है। इसके साथ ही, गिग वर्कर्स के लिए ई-बाइक खरीदने हेतु 25,000 रुपये तक के ब्याज-मुक्त ऋण की योजना भी शामिल की गई है।
वचननामा जारी करते समय, दोनों ठाकरे बंधुओं ने भाजपा पर तीखा हमला किया। उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है और निर्विरोध जीत दिलाने के लिए उम्मीदवारों की ‘चोरी’ की जा रही है। उन्होंने ऐसे मामलों में दोबारा चुनाव कराने और रिटर्निंग अफसरों की कॉल डिटेल्स की जांच की मांग की।
राज ठाकरे ने भी भाजपा-शिवसेना गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र को उत्तर प्रदेश-बिहार की राह पर ले जाया जा रहा है, जो राज्य के भविष्य के लिए खतरनाक है।
2017 के बीएमसी चुनावों में, अविभाजित शिवसेना 84 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि भाजपा 82 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही थी। किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण राजनीतिक अस्थिरता बनी थी, जिसे बाद में भाजपा के समर्थन से शिवसेना का महापौर बनने के बाद सुलझाया गया था। कांग्रेस 31 सीटों पर सिमट गई थी, एनसीपी को नौ सीटें मिली थीं और एमएनएस को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा था।
इस बार 15 जनवरी को मतदान और अगले दिन मतगणना प्रस्तावित है, जिससे पहले ठाकरे बंधुओं का यह साथ आना मुंबई की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे रहा है।
