मुंबई में छात्रा की आग में दम घुटने से मौत, माता-पिता पर सवाल उठे
बेटी को कमरे में बंद कर शादी में गए माता-पिता
जीवन में कभी-कभी ऐसे हादसे होते हैं जिनका कोई पूर्वानुमान नहीं लगा सकता। हादसे और इत्तेफाक में एक बड़ा अंतर होता है; जहां हादसे में किसी की जान भी जा सकती है, वहीं इत्तेफाक में चीजें सकारात्मक या नकारात्मक दोनों हो सकती हैं। हाल ही में मुंबई के दादर में एक दुखद घटना घटी, जिसमें एक 16 वर्षीय छात्रा की दम घुटने से मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, श्रावणी चावन नाम की इस छात्रा के माता-पिता उसे कमरे में बंद करके एक शादी में चले गए थे ताकि वह शांति से पढ़ाई कर सके। लेकिन इसी दौरान उसके कमरे में आग लग गई, जिससे उसे बचाना संभव नहीं हो सका। माता-पिता ने श्रावणी को पढ़ाई के कारण घर पर छोड़ दिया और दरवाजा बाहर से बंद कर दिया ताकि कोई उसे परेशान न करे।
दुर्भाग्यवश, आग लगने के बाद श्रावणी अपने कमरे में फंस गई। फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने बताया कि उसके कमरे का दरवाजा दोनों तरफ से बंद था, जिससे उसे बचाना असंभव हो गया। घटनास्थल पर केरोसिन का एक डब्बा भी मिला है, जिससे आग लगने की वजह की जांच की जा रही है।
जब श्रावणी को अस्पताल ले जाया गया, तब तक उसकी जान जा चुकी थी। पुलिस ने बताया कि उसके पिता वकोला थाने में पुलिस नायक के रूप में कार्यरत हैं। इस घटना में घर के कई कीमती सामान भी जलकर राख हो गए। फायर ब्रिगेड को आग पर काबू पाने में तीन घंटे से अधिक समय लगा।
