मुंबई में गणेश उत्सव के दौरान 30,000 प्रतिमाओं का विसर्जन

गणेश उत्सव के दौरान मुंबई में बृहस्पतिवार रात तक लगभग 30,000 गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। बीएमसी ने इस प्रक्रिया में किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं दी है। इस वर्ष, बीएमसी ने प्राकृतिक जलाशयों और कृत्रिम तालाबों का उपयोग करते हुए पर्यावरण संरक्षण के उपायों को भी लागू किया है। जानें इस उत्सव की अन्य महत्वपूर्ण जानकारी।
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मुंबई में गणेश उत्सव के दौरान 30,000 प्रतिमाओं का विसर्जन

गणेश उत्सव का विसर्जन

गणेश उत्सव के अवसर पर मुंबई में बृहस्पतिवार रात तक लगभग 30,000 गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया, जैसा कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने बताया।


बीएमसी के एक अधिकारी के अनुसार, इस 10 दिवसीय उत्सव के दौरान श्रद्धालु गणेश स्थापना के डेढ़ दिन, पांच दिन और सात दिन बाद मूर्तियों का विसर्जन करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक इस प्रक्रिया के दौरान शहर में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है।


अधिकारी ने जानकारी दी, ‘‘उत्सव के दूसरे दिन, बृहस्पतिवार रात नौ बजे तक ‘डेढ़ दिन’ के गणपति की कुल 29,965 प्रतिमाओं का विसर्जन समुद्र, अन्य जलाशयों और कृत्रिम तालाबों में किया गया। इनमें से 29,614 ‘घरेलू’ गणपति प्रतिमाएं और 337 ‘सार्वजनिक’ पंडालों की प्रतिमाएं शामिल हैं।’’


उन्होंने बताया कि अपराह्न तीन बजे तक 583 प्रतिमाओं में से 55 प्रतिशत से अधिक, यानी 326 का विसर्जन कृत्रिम जलाशयों में किया गया। इस वर्ष, बीएमसी ने (समुद्र तट सहित) 70 प्राकृतिक जलाशयों को चिन्हित किया है और विसर्जन के लिए 288 कृत्रिम तालाब स्थापित किए हैं।


पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से, बीएमसी ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे अपनी पर्यावरण अनुकूल गणपति प्रतिमाओं को ड्रम या बाल्टियों में विसर्जित करें, जबकि ‘प्लास्टर ऑफ पेरिस’ (पीओपी) की छह फुट से कम ऊंचाई वाली मूर्तियों को कृत्रिम तालाबों में विसर्जित किया जाए।