मिर्जापुर में धर्मांतरण रैकेट: 10 आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई
धर्मांतरण रैकेट का खुलासा
उत्तर प्रदेश पुलिस ने मिर्जापुर में पांच जिमों से जुड़े एक धर्मांतरण रैकेट में शामिल 10 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इन पर उत्तर प्रदेश गैंगस्टर अधिनियम और असामाजिक गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान प्राप्त सबूतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
गिरोह के सरगना का नाम
कोतवाली देहात के थाना अधिकारी अमित कुमार मिश्रा ने जानकारी दी कि गिरोह के प्रमुख इमरान खान और अन्य सदस्य इस अपराध में शामिल थे। पर्याप्त सबूत मिलने के कारण सभी 10 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जिम में चल रहा था गिरोह का संचालन
सभी आरोपी वर्तमान में जेल में हैं और संबंधित जिमों को बंद कर दिया गया है। यह मामला जनवरी 2026 में तब सामने आया जब एक महिला ने उत्तर प्रदेश पुलिस महिला हेल्पलाइन के माध्यम से एक जिम मालिक के खिलाफ शिकायत की। जांच में पता चला कि एक गैंग जिम में आने वाली महिलाओं को परेशान करने, ब्लैकमेल करने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने में संलग्न था।
आरोपियों के खिलाफ गंभीर आरोप
जिम के मालिक और प्रशिक्षकों पर जानबूझकर अपमान, जबरन वसूली, धमकी, हमला और गैरकानूनी धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक गतिविधियाँ
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने जिम में हिंदू महिलाओं को बुलाकर उनके साथ शारीरिक संबंध स्थापित किए और आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए। इनका इस्तेमाल महिलाओं को ब्लैकमेल करने और पैसे वसूलने के लिए किया गया।
मुख्य आरोपी की पहचान
इस मामले में शामिल आरोपियों में फैजल खान भी है, जिसने 2019 में 'मिस्टर मिर्जापुर' और 2022 में 'मिस्टर पूर्वांचल' का खिताब जीता था। अन्य आरोपियों में मौलवी खलीलुर रहमान, इमरान खान, उसके भाई जहीर, शादाब, फरीद अहमद, मोहम्मद शेख अली आलम और कांस्टेबल इरशाद खान शामिल हैं।
कलकत्ता हाईकोर्ट का आदेश
पश्चिम बंगाल के आरजी कर रेप और मर्डर केस की जांच के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई के संयुक्त निदेशक (पूर्वी क्षेत्र) की अध्यक्षता में एसआईटी गठित करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि आरोपों को दबाने की जांच रिपोर्ट 25 जून तक पेश की जाए।
