मिर्गी के लिए प्रभावी घरेलू उपचार: 20 रामबाण उपाय
मिर्गी के लिए घरेलू उपाय
मिर्गी के इलाज के लिए कुछ प्रभावी घरेलू उपाय हैं। इनमें से पहला उपाय पेठा है, जो मस्तिष्क के नाड़ी-रसायनों को संतुलित करने में मदद करता है। पेठे का जूस नियमित रूप से पीने से मिर्गी की गंभीरता में कमी आ सकती है।
दूसरा उपाय है, 100 मिली दूध में पानी मिलाकर उबालें और उसमें लहसुन की चार कलियां डालकर रात को सोते समय पीएं। इससे कुछ ही दिनों में लाभ दिखाई देने लगेगा।
गाय के दूध से बना मक्खन भी मिर्गी के लिए फायदेमंद है। रोजाना 10 ग्राम इसका सेवन करें।
होम्योपैथी की दवाएं जैसे क्युप्रम, आर्टीमेसिया, और हायोसायमस भी मिर्गी के उपचार में सहायक हो सकती हैं।
तुलसी की पत्तियों के साथ कपूर सुंघाने से रोगी को होश आ जाता है।
राई का चूर्ण भी दौरे के समय सुंघाने से लाभ पहुंचाता है।
शहतूत और सेब का जूस मिर्गी के रोगियों के लिए फायदेमंद होता है।
रोगी के पैरों के तलवों में आक का रस लगाने से भी लाभ मिलता है।
तुलसी के पत्तों का रस और सेंधा नमक मिलाकर नाक में डालने से भी फायदा होता है।
हींग और नींबू का सेवन भी मिर्गी के रोगियों के लिए लाभकारी है।
बादाम, बड़ी इलायची, और अनार के पत्तों का काढ़ा बनाकर पीने से मिर्गी के दौरे कम होते हैं।
अंगूर का रस सुबह खाली पेट पीने से भी मिर्गी में सुधार होता है।
एप्सम साल्ट के मिश्रित पानी से स्नान करने से दौरे कम होते हैं।
मिट्टी को पानी में गीला करके पूरे शरीर पर लगाने से भी लाभ मिलता है।
विटामिन B6 का सेवन भी मिर्गी के लिए फायदेमंद है।
मानसिक तनाव और शारीरिक श्रम से बचना जरूरी है।
बकरी के दूध में मेंहदी के पत्तों का रस मिलाकर पीने से दौरे बंद हो सकते हैं।
रोजाना तुलसी के 20 पत्ते चबाने से मिर्गी की गंभीरता में कमी आती है।
