मिनी ब्रेन स्ट्रोक: लक्षण और बचाव के उपाय

ब्रेन स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है, लेकिन मिनी ब्रेन स्ट्रोक इसके पहले का संकेत हो सकता है। इसके हल्के लक्षणों को पहचानना महत्वपूर्ण है ताकि बड़े अटैक से बचा जा सके। इस लेख में, हम मिनी ब्रेन स्ट्रोक के लक्षणों और इससे बचने के लिए सही आहार के बारे में चर्चा करेंगे। जानें कि कैसे आप अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख सकते हैं और संभावित खतरों से बच सकते हैं।
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मिनी ब्रेन स्ट्रोक: लक्षण और बचाव के उपाय

ब्रेन स्ट्रोक क्या है?

मिनी ब्रेन स्ट्रोक: लक्षण और बचाव के उपाय


ब्रेन स्ट्रोक: जब मस्तिष्क की कोई नस अवरुद्ध हो जाती है, तब इसे ब्रेन स्ट्रोक कहा जाता है। यह एक गंभीर स्थिति है, और यदि इसका समय पर उपचार नहीं किया गया, तो यह जानलेवा हो सकता है। लेकिन क्या आप मिनी ब्रेन स्ट्रोक के बारे में जानते हैं?


यह स्थिति किसी बड़े स्ट्रोक से पहले ही प्रकट हो सकती है। इसके लक्षण हल्के होते हैं, जिन्हें समय पर पहचानकर बड़े अटैक से बचा जा सकता है। इसे ट्रांसिएंट इस्केमिक अटैक भी कहा जाता है।


आघात कब होता है?

ब्रेन स्ट्रोक की तरह, मिनी ब्रेन स्ट्रोक भी मस्तिष्क की किसी नस के अवरुद्ध होने के कारण होता है। NHS के अनुसार, इस स्थिति में मस्तिष्क को ऑक्सीजन मिलना बंद हो जाता है। हालांकि, यह नुकसान स्थायी नहीं होता और आमतौर पर 24 घंटे के भीतर अपने आप ठीक हो जाता है। फिर भी, इसके लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।


मिनी ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण

मिनी ब्रेन स्ट्रोक के लक्षणों पर ध्यान देना आवश्यक है:



  • शरीर के एक तरफ चेहरे, हाथ या पैर में सुन्नता या कमजोरी

  • अचानक भ्रम की स्थिति

  • बोलने में कठिनाई

  • दृष्टि में अचानक कठिनाई

  • संतुलन खोना

  • चलने में कठिनाई

  • चक्कर आना


स्ट्रोक से बचने के लिए आहार

ब्रेन स्ट्रोक से बचने के लिए कम फैट, कम नमक और अधिक फाइबर वाला आहार लेना चाहिए। इसके लिए आप निम्नलिखित खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं:



  • नाशपाती

  • स्ट्रॉबेरी

  • एवोकैडो

  • सेब

  • केला

  • गाजर

  • चुकंदर