मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा, सीजफायर के टूटने का खतरा
सीजफायर के बाद मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के बाद मिडिल ईस्ट में स्थिति फिर से तनावपूर्ण हो गई है। सीजफायर के टूटने की आशंका जताई जा रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के लावन और सीरी द्वीपों पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फाइटर जेट्स द्वारा हमले की जानकारी मिली है। इसके साथ ही, इजराइल ने लेबनान पर भी अपने हमले तेज कर दिए हैं। फार्स आइलैंड के आसमान में ड्रोन गतिविधियों की भी रिपोर्ट आई है, जिससे सुरक्षा चिंताएं और बढ़ गई हैं.
ईरान की प्रतिक्रिया
सूत्रों के अनुसार, ईरान ने UAE के तेल क्षेत्रों को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई की है। ईरान की सेना, आईआरजीसी, ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को अनुमति लेनी होगी। यदि कोई जहाज अनुमति नहीं लेता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। ईरान ने यह भी कहा है कि अगर हमले जारी रहे, तो सीजफायर को रद्द कर दिया जाएगा। इस बीच, इजराइल द्वारा बेरुत पर किए गए हमले ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
UAE का रुख
UAE के रक्षा मंत्रालय ने बैलेस्टिक मिसाइल हमलों की पुष्टि की है, जिससे यह संकेत मिलता है कि संघर्ष सीमित नहीं रह गया है। UAE और इजराइल दोनों ही मौजूदा सीजफायर के खिलाफ सख्त रुख अपना रहे हैं। अब सवाल यह है कि क्या UAE को आगे कर सीजफायर को तोड़ने की योजना बनाई जा रही है। फिलहाल, क्षेत्र में हालात बेहद नाज़ुक हैं और किसी भी समय बड़ा टकराव हो सकता है।
इजराइल का लेबनान पर हमला
सीजफायर के बाद, इजराइल ने लेबनान के बेरूत में कई हमले किए हैं। इजराइल का दावा है कि उसने दस मिनट के भीतर 100 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है। इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा है कि यह सीजफायर 'लेबनान को शामिल नहीं करता।' लेबनान में इजराइल, ईरान समर्थित संगठन हिज़्बुल्लाह के खिलाफ लड़ाई कर रहा है।
