मारुति सुजुकी की नई Fronx Hybrid: माइक्रो-SUV सेगमेंट में धमाका
मारुति सुजुकी की नई Fronx Hybrid का आगाज
मारुति सुजुकी अब माइक्रो-SUV सेगमेंट में अपनी नई Fronx Hybrid के साथ कदम रखने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने इस नई गाड़ी की टेस्टिंग शुरू कर दी है, और इसे हाल ही में देखा गया है। यह माना जा रहा है कि मारुति इस मॉडल के जरिए टाटा पंच को चुनौती देगी। वर्तमान में, Fronx की लगभग 20,000 यूनिट्स की बिक्री हो रही है।
टाटा पंच ने अपने आकर्षक लुक और 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग के कारण ग्राहकों के बीच एक खास स्थान बना लिया है। इसी को ध्यान में रखते हुए, मारुति अपनी नई कार को ब्रेजा से नीचे के सेगमेंट में पेश करने की योजना बना रही है। स्पाई शॉट्स से पता चलता है कि यह नया मॉडल न केवल मस्कुलर दिखता है, बल्कि उन ग्राहकों को भी आकर्षित करेगा जो कॉम्पैक्ट साइज में एक दमदार SUV की तलाश में हैं।
इस SUV की सबसे बड़ी विशेषता इसका इंजन होगा। मारुति इसमें नया 1.2-लीटर पेट्रोल हाइब्रिड इंजन पेश कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार 40 किमी प्रति लीटर तक का शानदार माइलेज देने में सक्षम हो सकती है। यदि ऐसा होता है, तो यह भारतीय बाजार की सबसे ईंधन-कुशल SUV बन जाएगी। इसके अलावा, कंपनी इसके फ्लेक्स-फ्यूल और CNG वेरिएंट पर भी काम कर रही है।
सुरक्षा के मामले में, मारुति ने अपनी छवि को सुधारने का निर्णय लिया है। नई Fronx Hybrid को एक मजबूत प्लेटफॉर्म पर विकसित किया जा रहा है, और यह 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग के लक्ष्य के साथ बाजार में उतरेगी। इसमें 6 एयरबैग्स, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) और बेहतर क्रैश प्रोटेक्शन जैसे फीचर्स शामिल होंगे, जो इसे टाटा पंच के समकक्ष लाएंगे।
गाड़ी के लुक की बात करें तो, टेस्टिंग के दौरान इसके ‘टॉल-बॉय’ स्टांस ने सभी का ध्यान खींचा है। भारी कवर के बावजूद, इसके चौकोर व्हील आर्च, फ्लैट रूफलाइन और रूफ रेल्स स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। यह डिजाइन इसे एक हैचबैक से अलग और एक प्रॉपर माइक्रो-SUV का अहसास कराता है। छोटे ओवरहैंग्स और ऊंची बनावट के कारण इसे शहर के ट्रैफिक में चलाना आसान होगा।
कार के अंदर भी कई आधुनिक फीचर्स देखने को मिलेंगे। नई हाइब्रिड SUV में बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, डिजिटल क्लस्टर और कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी की उम्मीद है। मारुति का लक्ष्य एक ऐसी गाड़ी पेश करना है जो बजट में हो, जिसमें कम मेंटेनेंस की आवश्यकता हो और जो तकनीक में सबसे आगे हो। यह कार इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत में सड़कों पर आ सकती है.
