मानसून की गतिविधियों में बदलाव: राजस्थान में बढ़ी गर्मी और गंगा का जलस्तर

मानसून की गतिविधियों में बदलाव के चलते राजस्थान में गर्मी बढ़ गई है, जबकि उत्तराखंड में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में बारिश की संभावना जताई है। जानें किन राज्यों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ी हैं और प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं। किसानों की चिंता भी बढ़ गई है, क्योंकि बारिश की कमी से फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है।
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मानसून का मिजाज बदलता


देशभर में मानसून की स्थिति में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल रहा है। कई राज्यों में बारिश की गतिविधियों में कमी आई है, जबकि राजस्थान में गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे प्रयागराज और ऋषिकेश जैसे नदी किनारे के इलाकों में प्रशासन सतर्क हो गया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में विभिन्न क्षेत्रों में मौसम की यह असामान्य स्थिति जारी रह सकती है।


9 राज्यों में बारिश की कमी

मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, गुजरात, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में पिछले 24 घंटों में बारिश की गतिविधियों में कमी आई है। कई स्थानों पर बादल छाए रहने के बावजूद वर्षा की कमी के कारण तापमान में वृद्धि हुई है।


विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की ट्रफ लाइन में बदलाव और पश्चिमी हवाओं के प्रभाव के कारण बारिश की तीव्रता कम हुई है। हालांकि, आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव की संभावना बनी हुई है और कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।


राजस्थान में गर्मी का प्रकोप

बारिश की कमी का सबसे अधिक असर राजस्थान में देखा गया है। प्रदेश के कई जिलों में तेज धूप और उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक है।


जयपुर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में भी तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। दोपहर के समय सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम रही और गर्म हवाओं ने परेशानी बढ़ा दी। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर में धूप में बाहर न निकलें और पर्याप्त पानी पिएं।


गंगा का जलस्तर बढ़ा

उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश का असर गंगा नदी पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। ऋषिकेश और प्रयागराज में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कई घाटों तक पानी पहुंच गया है, जिसके चलते प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।


नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की गई है कि वे तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। जलस्तर में और बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए निगरानी लगातार जारी है।


किसानों की चिंता

बारिश में कमी आने से खरीफ फसलों की बुवाई और सिंचाई को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई क्षेत्रों में खेतों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो फसलों की वृद्धि प्रभावित हो सकती है।


हालांकि, जिन क्षेत्रों में हाल ही में अच्छी बारिश हुई थी, वहां स्थिति सामान्य बनी हुई है। किसान मौसम विभाग के अगले पूर्वानुमान पर नजर बनाए हुए हैं।


आने वाले दिनों का मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में देश के कुछ हिस्सों में मानसून फिर से सक्रिय हो सकता है। पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिमी तट के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के कई हिस्सों में गर्मी और उमस का असर जारी रह सकता है।


प्रशासन की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बढ़ते तापमान के दौरान अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलें, पर्याप्त पानी पीते रहें और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतें। गंगा किनारे रहने वाले लोगों को नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।


मुख्य बातें


  • राजस्थान समेत 9 राज्यों में बारिश की गतिविधियां कमजोर।

  • श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 42°C दर्ज।

  • प्रयागराज और ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर बढ़ा।

  • नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए प्रशासन ने जारी किया अलर्ट।

  • अगले कुछ दिनों में कुछ राज्यों में बारिश की वापसी की संभावना, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी बनी रह सकती है।