माधव गाडगिल के निधन पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का शोक संदेश

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रख्यात पारिस्थितिकीविद् माधव गाडगिल के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने गाडगिल के कार्यों को सराहा और कहा कि उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। गाडगिल का निधन पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी क्षति है।
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माधव गाडगिल के निधन पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का शोक संदेश

मुख्यमंत्री का शोक संदेश

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रसिद्ध पारिस्थितिकीविद् माधव गाडगिल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि गाडगिल का कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।


फडणवीस ने अपने शोक संदेश में उल्लेख किया कि गाडगिल ने अपने छह दशकों के करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया, लेकिन वह हमेशा खुद को 'जनमानस का वैज्ञानिक' मानते थे।


उन्होंने बताया कि गाडगिल ने अपने जीवन को पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित किया और विशेष रूप से पश्चिमी घाटों की जैव विविधता के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


गाडगिल ने जैव विविधता के प्रति संवेदनशीलता को बनाए रखने और पर्यावरण से संबंधित मुद्दों पर जनता की समझ को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गाडगिल ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई थी और उनका निधन इस आंदोलन के लिए एक बड़ा नुकसान है।


मुख्यमंत्री ने कहा, 'उनके निधन से हमने एक ज्ञानी मार्गदर्शक खो दिया है।' उन्होंने गाडगिल के परिवार, प्रशंसकों और छात्रों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। गाडगिल का पुणे में निधन हुआ, वह 83 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से बीमार थे। बुधवार रात को उन्होंने पुणे के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली।