माघ बिहू: असम का प्रमुख त्योहार और प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाएं
माघ बिहू का महत्व
बिहू असम का एक प्रमुख सांस्कृतिक और सरकारी उत्सव है, जो मुख्य रूप से कृषि से संबंधित है। यह त्योहार असम के सभी निवासियों द्वारा, चाहे उनकी जाति या धर्म कुछ भी हो, एक साथ मनाया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को माघ बिहू के अवसर पर असम के लोगों को शुभकामनाएं दीं, यह बताते हुए कि यह अवसर खुशी, स्नेह और भाईचारे का प्रतीक है, जो असमिया संस्कृति की अद्भुत विशेषताओं को उजागर करता है।
प्रधानमंत्री का संदेश
मोदी ने असमिया और अंग्रेजी में एक पत्र के माध्यम से कहा कि माघ बिहू का अर्थ संतोष और आभार में निहित है। उन्होंने पत्र में लिखा, 'माघ बिहू के इस शुभ अवसर पर आपको और आपके परिवार को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। यह त्योहार असमिया संस्कृति के सर्वश्रेष्ठ रूपों को समेटे हुए है और वास्तव में आनंद, स्नेह और भाईचारे का प्रतीक है।'
फसल कटाई का उत्सव
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि माघ बिहू फसल कटाई के मौसम के अंत का प्रतीक है और यह उन लोगों के प्रयासों की सराहना करने का अवसर है जो जीवन को समृद्ध बनाते हैं, विशेषकर मेहनती किसानों का। उन्होंने कहा, 'यह हमारे बीच उदारता और देखभाल की भावना को भी प्रोत्साहित करता है। मैं कामना करता हूं कि माघ बिहू सभी के जीवन में शांति, स्वास्थ्य और खुशियों का संचार करे।'
बिहू के प्रमुख आकर्षण
गमोसा (Gamosa): यह असमिया संस्कृति का प्रतीक है, एक हाथ से बुना हुआ लाल और सफेद कपड़ा, जो बिहू पर उपहार के रूप में दिया जाता है।
बिहू नृत्य: यह एक ऊर्जावान नृत्य है जिसमें तेज़ कदमों और हाथों के संचालन का उपयोग होता है।
पारंपरिक खेल: माघ बिहू के दौरान गाँवों में 'भैंसों की लड़ाई' और 'मुर्गों की लड़ाई' जैसे खेल आयोजित होते हैं।
आज की अपडेट: आज 14 जनवरी 2026 को असम में 'उरुका' मनाया जा रहा है, जहाँ लोग रात भर जागकर सामुदायिक भोज और मस्ती करेंगे।
