महोबा में तिहरे हत्याकांड का ऐतिहासिक फैसला: पति को मिली फांसी की सजा
महोबा में दिल दहला देने वाला मामला
महोबा : एक पति ने अपनी पत्नी और दो मासूम बेटियों की हत्या कर दी, जिससे मातृत्व की ममता को चंद मिनटों में लहूलुहान कर दिया। महोबा जिले की अदालत ने इस तिहरे हत्याकांड में एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अपर्णा त्रिपाठी-द्वितीय ने देवेंद्र विश्वकर्मा को मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई है। अदालत ने इस जघन्य अपराध को 'दुर्लभ से दुर्लभतम' करार दिया है।
शादी के बाद का बदलाव: यह घटना महोबा शहर के कोतवाली क्षेत्र में हुई। हरिप्रसाद पांचाल ने बताया कि उन्होंने 12 साल पहले अपनी बेटी रामकुमारी का विवाह देवेंद्र से किया था। प्रारंभ में देवेंद्र का व्यवहार सामान्य था, लेकिन एक साल पहले से उसने पत्नी को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
खाने के विवाद ने बढ़ाई स्थिति: यह भयानक घटना 17 जुलाई 2023 की रात हुई। देवेंद्र और उसके पिता के बीच खाने को लेकर तकरार हुई, जिसके बाद देवेंद्र ने गुस्से में आकर सिलबट्टा उठाया।
बेटियों पर भी नहीं आया दया: उसने पहले अपनी पत्नी पर सिलबट्टे से कई वार किए और फिर अपनी नौ साल की बेटी आयुषि और छह साल की बेटी सोनाक्षी को भी बेरहमी से मार डाला। इसके बाद वह फरार हो गया।
अभियोजन की मजबूत पैरवी: पुलिस ने हरिप्रसाद की तहरीर पर हत्या का मामला दर्ज किया और देवेंद्र को गिरफ्तार किया। फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने दलील दी कि पिता ने अपनी बेटियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी को पूरी तरह से नकार दिया। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद देवेंद्र को दोषी ठहराया और फांसी की सजा सुनाई।
