महोबा में 65 वर्षीय महिला की हत्या: नौकरानी और बेटे ने मिलकर किया अपराध

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में 65 वर्षीय किरन पुरवार की हत्या का मामला सामने आया है। उनकी नौकरानी और बेटे ने मिलकर इस अपराध को अंजाम दिया। किरन, जो पैरालिसिस से ग्रस्त थीं, की हत्या के पीछे मानसिक प्रताड़ना का कारण बताया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला घरेलू हिंसा और प्रतिशोध का एक दुखद उदाहरण है, जिसने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है।
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महोबा में 65 वर्षीय महिला की हत्या: नौकरानी और बेटे ने मिलकर किया अपराध

हत्या की घटना का विवरण


यह घटना उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के खोया मंडी क्षेत्र की है, जहां 25 फरवरी 2026 की रात को 65 वर्षीय किरन पुरवार की उनके निवास पर हत्या कर दी गई। किरन पैरालिसिस से ग्रस्त थीं और पूरी तरह से बिस्तर पर निर्भर थीं। उनके पति संतोष पुरवार उस रात अपनी दुकान पर थे।


घटना की जांच

किरन का शव बिस्तर पर पाया गया, और उनके कान से सोने के कुंडल गायब थे, जिससे पुलिस ने इसे प्रारंभ में लूट का मामला समझा। हालांकि, फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर एक टूटी हुई चूड़ी का टुकड़ा खोजा, जो जांच का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।


यह टुकड़ा घर में 8 साल से काम कर रही नौकरानी आशा रैकवार की चूड़ियों से मेल खाता था। इसके बाद पुलिस ने आशा और उसके 27 वर्षीय बेटे सोनू को गिरफ्तार किया, जिन्होंने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया।


हत्या का कारण और तरीका

आशा ने बताया कि पिछले 8 वर्षों में किरन ने उसे कई बार डांटा और अपमानित किया, जिससे वह मानसिक तनाव में आ गई। बदला लेने के इरादे से उसने अपने बेटे सोनू को शामिल किया। 25 फरवरी की रात, दोनों ने मिलकर किरन के मुंह पर तकिया रखकर उनकी हत्या कर दी और इसे चोरी का रूप देने के लिए उनके कुंडल उतार दिए।


पुलिस की कार्रवाई

महोबा पुलिस ने एसपी और सदर क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में रविवार (1 मार्च 2026) को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह मामला एक छोटे सुराग (टूटी चूड़ी) के माध्यम से उजागर हुआ, जो अपराधियों की लापरवाही को दर्शाता है।


समाज पर प्रभाव

यह मामला घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना और प्रतिशोध का एक दुखद उदाहरण है। पूरा क्षेत्र इस क्रूर हत्या से स्तब्ध है। पुलिस जांच जारी है, लेकिन मुख्य आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं।