महुआ मोइत्रा का विवादास्पद बयान, अमित शाह को दी धमकी

महुआ मोइत्रा का बयान
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा ने एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने भारत के पूर्वी सीमा पर अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ एक अत्यधिक विवादास्पद टिप्पणी की, जिसके बाद चारों ओर आलोचना का दौर शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि अमित शाह का 'सिर काटकर मेज पर रखना चाहिए', जिसने पूरे राजनीतिक परिदृश्य को हिला कर रख दिया है।
महुआ मोइत्रा ने बांग्लादेश से होने वाली कथित घुसपैठ पर चिंता व्यक्त करते हुए एक सार्वजनिक कार्यक्रम में केंद्र सरकार की सीमा सुरक्षा नीतियों पर तीखा हमला किया।
"Amit Shah's head should be cut off and put on the table" – Mahua Moitra, Trinamool Congress MP pic.twitter.com/MeDsBNyiJy
— BJP West Bengal (@BJP4Bengal) August 29, 2025
महुआ मोइत्रा ने कहा, "क्या हमारी सीमाओं की रक्षा करने वाला कोई नहीं है और अन्य देशों के लोग लाखों की संख्या में भारत में प्रवेश कर रहे हैं... अगर वे हमारी माताओं और बहनों पर नजर गड़ाए हुए हैं... अगर वे हमारी भूमि पर कब्जा कर रहे हैं... तो सबसे पहले अमित शाह का सिर काटकर मेज पर रखना चाहिए।"
उनकी इस टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कई अन्य राजनीतिक दलों से तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। भाजपा नेताओं ने इसे एक मंत्री के लिए हिंसक, असंवैधानिक और आपराधिक प्रकृति का बयान बताया। कई नेताओं ने इसे "असंसदीय," "खतरनाक," और "जनता के प्रतिनिधित्व की गरिमा का अपमान" करार दिया।
महुआ मोइत्रा ने बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ और इसके कारण पश्चिम बंगाल जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसंख्या और सुरक्षा चुनौतियों का हवाला दिया। उन्होंने इस स्थिति के लिए पूरी तरह से केंद्र सरकार और उसकी कार्यप्रणाली को जिम्मेदार ठहराया, इसे "सुरक्षा विफलता" कहा।
उन्होंने आगे कहा, "गृह मंत्रालय और गृह मंत्री जो इस देश की सीमाओं की रक्षा नहीं कर सकते... प्रधानमंत्री खुद कह रहे हैं कि बाहर से लोग आ रहे हैं और हमारी माताओं और बहनों पर नजर गड़ाए हुए हैं।"
यह विवाद उस समय सामने आया है जब केंद्र सरकार रोहिंग्या और अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और निष्कासन की प्रक्रिया 'ऑपरेशन पुशबैक' के तहत कर रही है।
हालांकि, महुआ मोइत्रा का कहना है कि इन प्रयासों के बावजूद अवैध घुसपैठ एक गंभीर मुद्दा बना हुआ है। उन्होंने दावा किया कि सीमाओं पर एजेंसियों की मौजूदगी के बावजूद स्थानीय लोगों को कोई सुरक्षा लाभ नहीं मिल रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया, "बीएसएफ यहाँ है। बीएसएफ क्या कर रही है? हम (स्थानीय) बीएसएफ से डरते हैं। हमें यहाँ कोई घुसपैठ करते हुए नहीं दिखता।"
गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली बीएसएफ ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, मंत्रालय से जुड़े कुछ अधिकारियों ने इन टिप्पणियों को "राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित" और "जमीनी हकीकत से दूर" बताया है।
इस बीच, भाजपा संसद में इस मुद्दे को उठाने की तैयारी कर रही है और गृह मंत्री को धमकी देने और हिंसा भड़काने के लिए विभिन्न धाराओं के तहत शिकायत दर्ज कराने पर विचार कर रही है। गृह मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने मोइत्रा की टिप्पणियों को "लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय हितों का सीधा उल्लंघन" बताया है।
टीएमसी नेतृत्व की ओर से इस विवाद पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, महुआ मोइत्रा की तीखी भाषा को लेकर पार्टी में निश्चित रूप से कुछ असुविधा है, हालांकि वह भाजपा की नीतियों की आलोचना जारी रखती हैं।
यह नया विवाद महुआ मोइत्रा की छवि को और मजबूत करता है, जिसमें वह एक मुखर और बेबाक नेता के रूप में जानी जाती हैं, जो राजनीतिक शिष्टाचार की सीमाओं को पार करने में संकोच नहीं करतीं। हालांकि, उनके इस बयान के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई या संसद में अवहेलना प्रस्ताव लाने की संभावना को नकारा नहीं किया जा सकता।